Banas Kisan Special Train: किसानों की आय बढ़ाने में भारतीय रेलवे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसी क्रम में आईआरसीटीसी ने गुजरात के पालनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से 42 दिनों के लिए बनास किसान स्पेशल ट्रेन संचालित की है. यह ट्रेन एक सितंबर से शुरू हो चुकी है. इसके माध्यम से किसान अपनी फसल को कम लागत पर वैश्विक बाजार में लेकर आ सकते हैं. इससे जहां किसानों की फसल समय से बाजार में पहुंच जाएगी. वहीं उपभोक्ताओं को यह फसल भी सहज उपलब्ध हो जाएगी. आईआरसीटी ने यह ट्रेन एक सितंबर से शुरू कर दी है. बनासकांठा के सांसद परबतभाई पटेल और मेहसाणा के सांसद हरि भाई चौधरी ने इस स्पेशल ट्रेन का शुभारंभ किया.

आईआरसीटीसी ने दी जानकारी

आईआरसीटीसी ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि 42 दिन की बनास किसान स्पेशल ट्रेन का सुभारंभ एक सितंबर को पालनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से किया गया है. यह स्पेशल ट्रेन किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी. उद्घाटन के मौके पर सांसद परबत भाई पटेल और सांसद हरि भाई चौधरी मौजूद थे.

सरकार क्यों चलाती है किसान रेल?

किसान रेल सेवा शुरू करने का मकसद वैश्विक बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाना है. इससे किसानों को माल ढुलाई में रियायत मिलेगी. वहीं, किसानों को उनके उत्पाद का वाजिब मूल्य भी मिल जाएगा. किसान स्पेशल ट्रेन में खासकर फलों और सब्जियों की ढुलाई करते हैं. या फिर उन उत्पादों की ढुलाई की जाती है, जिसके खराब होने की मियाद कम होती है. किसान रेल सेवा की शुरुआत 2020 में की गई थी.

किसान काफी समय से कर रहे थे मांग

फसलों को देश के विभिन्न बाजार और मंडियों तक पहुंचाने के लिए किसान स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग कर रहे थे. मध्यम श्रेणी के किसानों का कहना था कि अगर वह फसल को निजी ट्रांसपोर्ट के जरिए बाजारों तक ले जाएंगे तो इससे मुनाफा काफी हद तक खत्म हो जाएगा. वहीं निजी ट्रांसपोर्ट से माल ढुलाई एक चुनौती भरा कार्य है. 42 दिनों तक चलने वाली बनास किसान स्पेशल ट्रेन शुरुआती दिनों से ही भरकर चल रही है. हजारों किसान इस ट्रेन के माध्यम से अपनी फसलों को बाजारों में पहुंचाकर लाभ ले रहे हैं.

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