Railway New Rules 2026: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए एक बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. 1 जून 2026 से ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट को सीमित किया जाएगा, जिससे ट्रेनों के एसी और स्लीपर कोच में प्रतीक्षा टिकट वाले यात्रियों की भीड़ कम होगी और आम मुसाफिरों को ज्यादा आरामदायक यात्रा मिल सकेगी.

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया था कि कई ट्रेनों में आए दिन यात्री कोच की गैलरी, दरवाजे और टॉयलेट के पास खड़े हो कर सफर कर रहे हैं. इन्हीं यात्रियों के वीडियो व संबंधित शिकायतों को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने यह कदम उठाया है. 

स्लीपर और एसी कोच में नई वेटिंग सीमा

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नई योजना के तहत अब स्लीपर और AC दोनों कोच में वेटिंग टिकट की संख्या  पर सख्त सीमा तय की जाएगी. स्लीपर कोच में टिकट कुल सीटों के मुकाबले करीब 30% तक ही वेटिंग टिकट बुक किए जा सकेंगे. यानी अब किसी स्लीपर कोच की क्षमता के मुताबिक औसतन 150 से 200 से ज्यादा वेटिंग टिकट बुक नहीं हो सकेंगे.

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इसी तरह एसी श्रेणियों में भी अब 300 की फिक्स लिमिट के बजाय कुल सीटों का अधिकतम 60 प्रतिशत ही वेटिंग टिकट मिलेगा, जिससे वेटिंग लिस्ट पहले के मुकाबले काफी हद तक कम हो जाएगी और कंफर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ेगी.

भीड़ कम करने और सफर सुधारने की कोशिश

पहले कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट काफी लंबी हुआ करती थी. स्लीपर क्लास में यह 600 से 700 तक पहुंच जाती थी, जबकि थर्ड एसी कोच में भी 400 से ज्यादा वेटिंग देखने को मिलती थी. इससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था और कई बार बिना सीट के सफर करना पड़ता था.

वहीं, 12 नवंबर 2015 के बाद पहली बार रेलवे ने वेटिंग टिकट पर तकनीकी सीमा तय की थी, लेकिन अब बढ़ती भीड़ और यात्रियों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए इसे और सख्त किया जा रहा है. रेलवे का मानना है कि इस कदम से अब ट्रेनों में भीड़ कम देखने को मिलेगी. साथ ही यात्रा सुरक्षित बनेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी पहले से बेहतर हो जाएगी.

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