Indian Railways Rule: ट्रेन से सफर करना जितना ही मजेदार लगता है, उतना ही इसका कन्फर्म टिकट मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है. कई लोगों की टिकट दो-तीन महीने पहले बुक होने के बावजूद भी कन्फर्म नहीं हो पाती है. ऐसे में कुछ लोग अनधिकृत एजेंटों की मदद ले लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप अनधिकृत एजेंटों से टिकट लेकर ट्रेन में सफर करते पकड़े गए तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है और साथ ही आपसे जुर्माना भी वसूला जा सकता है.

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क्यों गलत माना जाता है ऐसी टिकट?

अगर आप ऐसे अनधिकृत एजेंट से टिकट लेते हैं तो पहले ही जान लें कि यह फर्जी डॉक्यूमेंट का उपयोग कर टिकट बुक करते हैं. ऐसे टिकट वैध नहीं माने जाते हैं. साथ ही ये दूसरे का नाम का इस्तेमाल करके भी टिकट बुक करते हैं. अगर आप ट्रेन में ऐसे टिकट के साथ पकड़े जाते हैं तो आपको परेशानी हो सकती है. इसलिए हमेशा IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही टिकट बुक करें.

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पहचान पत्र से मिलनी चाहिए जानकारी

  • टिकट पर दर्ज नाम और अन्य जानकारी पहचान पत्र पर दर्ज जानकारी से मिलनी चाहिए.
  • ऐसा न होने पर TTE आपको बिना टिकट सफर करने वाला मान लेगा.
  • इसके साथ जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई तक की जा सकती है.
  • टिकट बुकिंग के दौरान पहचान पत्र पर दर्ज सभी चीजों से मिला लेना चाहिए.

लग सकता है जुर्माना

  • रेलवे नियमों के मुताबिक, कई भी यात्री दूसरे व्यक्ति के नाम की टिकट पर सफर नहीं कर सकता है.  
  • साथ ही ऐसे टिकट पर सफर करना, जो अनधिकृत एजेंट से खरीदा गया हो तो यह दंडनीय माना जाता है.
  • अगर कोई ऐसे टिकट के साथ पकड़ा जाता है तो उसपर 500 रुपये का जुर्माना लग सकता है.
  • इतना ही नहीं, बल्कि तीन महीने तक की जेल भी हो सकती है.
  • ऐसे मामले में तुरंत आपकी सीट रद्द कर दी जाती है.

फर्जी दस्तावेज मिलने पर होगी कार्रवाई

अगर किसी यात्री के पास टिकट के साथ फर्जी दस्तावेज या एडिट किया गया पहचान पत्र मिलता है तो ऐसे मामले में RPF धोखाधड़ी के मामले में कार्रवाई कर सकता है. इसलिए कभी भी ऐसे अनधिकृत एजेंटों से टिकट न लें. 

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