ट्रेन में सफर करना किफायती तो जरूर है, लेकिन अगर आप सफर के दौरान रेलवे के बनाएं गए नियमों का पालन नहीं करते हैं तो आपका सफर मुश्किल भरा हो सकता है. कई लोग सोचते हैं कि बिना टिकट सफर करना ही नियमों के खिलाफ है, लेकिन रेलवे में कई सारे नियमों का पालन न करने पर आपके खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है और वहीं कुछ मामलों में तो जेल तक हो सकती है. इसलिए ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को खास ध्यान देना चाहिए और इन नियमों का पालन करना चाहिए.
चेन खींचना पड़ेगा भारी
ट्रेन में अलार्म चेन लगी होती है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ खास परिस्थितियों के लिए ही करना चाहिए. अगर कोई बिना किसी जरूरी कारण के चेन खींचता है तो रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत कार्रवाई हो सकती है. इसके लिए एक साल की जेल और जुर्माना भी लग सकता है.
तेज आवाज भी गाना सुनना
अगर आप ट्रेन में तेज आवाज में गाना सुनते हैं या वीडियो देखते हैं, जिसकी वजह से दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है तो रेलवे अधिनियम की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. वहीं अगर शराब पीकर किसी तरह की परेशानी पैदा करने पर जुर्माना जेल तक का प्रावधान है.
बिना टिकट सफर पड़ेगा महंगा
ये तो हर रेल यात्री जानता होगा कि अगर ट्रेन में बिना टिकट के सफर करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जा सकता है. रेलवे अधिनियम की धारा 138 के तहत बिना वैध टिकट सफर करने पर यात्री से तय किराया और अतिरिक्त चार्ज लिया जा सकता है. वहीं अगर कोई यात्री धोखाधड़ी करके सफर करने पर धारा 137 के तहत 6 महीने तक की जेल हो सकती है और जुर्माना अलग से लगाया जा सकता है.
रेलवे कर्मचारी के काम में रुकावट
अगर रेलवे कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोकते हैं या फिर उनके काम में किसी तरह की कोई बाधा डाली जाती है तो रेलवे अधिनियम की धारा 146 के तहत 6 महीने तक की जेल और जुर्माना लग सकता है.
ट्रेन के बाहरी हिस्से में सफर करना
अगर दिव्यांग यात्री के आरक्षित कोच में बिना परमिशन सफर करते हैं तो धारा 155(1) के तहत 3 महीने की जेल और जुर्माना लग सकता है. इसके अलावा भी ट्रेन से जुड़े कई नियमों का पालन न करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है. इसलिए जब भी ट्रेन में सफर करें तो रेलवे के नियमों का पालन जरूर करें, ताकि सफर आरामदायक रहे.
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