रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए साफ-सफाई और सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में नई पहल की गई है. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने पांच सुपरफास्ट ट्रेनों में तकनीक आधारित ऑनबोर्ड सेवाएं शुरू की हैं.

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इस व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सफाई के स्तर का आकलन किया जाएगा. साथ ही यात्रियों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए दो घंटे का लक्ष्य तय किया गया है.

AI और डिजिटल सिस्टम से कैसे सुधरेगी सफाई?

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नई व्यवस्था का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ाना और कोचों की स्वच्छता पर लगातार नजर रखना है. इसके लिए जियो-टैगिंग, कर्मचारियों की ट्रैकिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं. AI आधारित आकलन से सफाई की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे कमियों की पहचान कर सुधार किया जा सकेगा.

इसके अलावा, कोचों और एसी खिड़कियों की सफाई, शौचालयों का रखरखाव, कचरे का निपटान तथा बेडशीट और अन्य बेड लिनेन का समय पर वितरण और संग्रह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा.

किन 5 ट्रेनों में शुरू हुई नई व्यवस्था?

रेलवे की इस पहल में दो वंदे भारत एक्सप्रेस समेत पांच ट्रेनें शामिल हैं. इन ट्रेनों के नाम इस प्रकार हैं.

  • कामाख्या–SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस
  • गुवाहाटी–कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
  • डिब्रूगढ़–मुंबई LTT एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
  • न्यू जलपाईगुड़ी–गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस

रेलवे के अनुसार, गुवाहाटी–कोलकाता गरीब रथ में 10 अक्टूबर और डिब्रूगढ़–मुंबई LTT एक्सप्रेस में 11 अक्टूबर से ये सेवाएं शुरू हुईं. वहीं, अन्य तीन ट्रेनों में 14 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू की गई.

रेलवे का क्या है उद्देश्य?

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की इस पहल का मकसद यात्रियों को अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराना है. डिजिटल निगरानी, AI आधारित मूल्यांकन और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से ऑनबोर्ड सेवाओं में सुधार की उम्मीद है. हालांकि, यह व्यवस्था फिलहाल पांच चयनित ट्रेनों में लागू की गई है.

यात्रियों की शिकायतों पर दो घंटे में कार्रवाई

यात्रियों को सफर के दौरान पानी की कमी, सफाई या दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. नई व्यवस्था में इन शिकायतों को प्राथमिकता से देखने के लिए संबंधित टीमों को जिम्मेदारी दी गई है.

रेलवे ने शिकायतों के निपटारे के लिए दो घंटे का लक्ष्य रखा है.निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर मामले को संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी होगी. यात्रियों की प्रतिक्रिया और स्टार रेटिंग के जरिए सेवाओं की गुणवत्ता परखने में मदद मिलेगी.

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