Indian Railways: देशभर में रोजाना करोड़ों लोग भारतीय रेलवे से सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए रेलवे ने कई नियम तय किए हैं. ट्रेन में कौन-सी चीजें ले जाने की अनुमति है और किन चीजों पर रोक है, इसे लेकर भी स्पष्ट गाइडलाइन मौजूद हैं. शराब को लेकर भी रेलवे के कुछ खास नियम लागू होते हैं, जिनके बारे में हर यात्री को जानकारी होना जरूरी है.

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क्या ट्रेन में शराब ले जाना नियमों के खिलाफ है?

रेलवे कानून के अनुसार, ट्रेन में शराब ले जाने पर पूरी तरह रोक नहीं है. हालांकि यह संबंधित राज्य के नियमों पर भी निर्भर करता है. जिन राज्यों में शराबबंदी लागू नहीं है, वहां यात्री सीमित मात्रा में शराब अपने साथ रख सकते हैं, लेकिन ट्रेन के अंदर या प्लेटफॉर्म पर शराब पीने की अनुमति नहीं होती. अगर कोई यात्री नशे की हालत में हंगामा करता है या शराब पीते हुए पकड़ा जाता है, तो रेलवे उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है.

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जिन राज्यों में शराबबंदी लागू है, वहां ट्रेन में शराब लेकर यात्रा करना नियमों के खिलाफ माना जाता है. गुजरात, बिहार, नागालैंड और लक्षद्वीप जाने वाली या वहां से गुजरने वाली ट्रेनों में शराब ले जाना प्रतिबंधित है. अगर कोई यात्री शराब के साथ पकड़ा जाता है तो उस पर राज्य के एक्साइज कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है.

ट्रेन में सफर करते समय यात्री अपने साथ सिर्फ तय मात्रा में ही शराब रख सकते हैं. रेलवे के मुताबिक, एक व्यक्ति अधिकतम 2 लीटर तक शराब ले जा सकता है. लेकिन बोतल सील पैक होनी जरूरी है. खुली या खाली बोतल लेकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होती. अगर कोई इन नियमों का पालन नहीं करता, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.

ट्रेन में शराब पीना कब माना जाता है गैरकानूनी?

रेल यात्रा के दौरान शराब पीना रेलवे नियमों के खिलाफ माना जाता है. इससे अन्य यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है. अगर कोई व्यक्ति ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर नशा करते हुए पकड़ा जाता है, तो रेलवे पुलिस उसे हिरासत में ले सकती है. नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना भरना पड़ सकता है और जेल की सजा भी हो सकती है.

रेलवे कानून के तहत ऐसे मामलों में 6 महीने तक की सजा या 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कई बार दोनों कार्रवाई एक साथ भी की जाती हैं.रेलवे कर्मचारियों के लिए भी ड्यूटी के समय शराब या किसी भी नशे का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है. अगर कोई कर्मचारी नशे की हालत में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.

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