Indian Railways Confirm Ticket: आप कभी ट्रेन की टिकट बुक करते होंगे तो आपने भी अक्सर देखा होगा कि बुकिंग शुरू होते ही सीटें वेटिंग में चली जाती है. कन्फर्म टिकट पाने की इसी परेशानी को कम करने के लिए IRCTC ने बड़ा कदम उठाया है. रेलवे की टिकटिंग और कैटरिंग शाखा ने 3 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध यूजर ID को डीएक्टिवेट कर दिया है. इसके साथ ही 6 करोड़ से ज्यादा अन्य ID को भी वेरिफिकेशन के दायरे में रखा गया है, ताकि टिकट बुकिंग में होने वाले गलत इस्तेमाल को रोका जा सके.
6 करोड़ ID की भी होगी जांच
अधिकारियों के मुताबिक, IRCTC लगातार फर्जी और संदिग्ध अकाउंट्स पर नजर रख रहा है. इसी अभियान के तहत करोड़ों यूजर ID की जांच की जा रही है ताकि आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी हो सके. इसके साथ ही रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 4.2 लाख संदिग्ध PNR से जुड़ी 501 शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज की गई थी. इसके अलावा इस साल 13,343 संदिग्ध ईमेल डोमेन को भी ब्लॉक किया गया है, जिससे फर्जी डिजिटल पहचान और धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके.
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यात्रियों को मिलेगा फायदा
IRCTC का मानना है कि फर्जी और संदिग्ध यूजर ID पर कार्रवाई से टिकट बुकिंग सिस्टम ज्यादा पारदर्शी बनेगा. इससे कालाबाजारी करने वाले एजेंटों पर लगाम लगेगी और साथ ही आम यात्रियों के लिए कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ सकती है और कन्फर्म टिकट मिलने से लोगों का ट्रेन का सफर भी आरामदायक बन जाएगा.
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