Railway Charging Rules: भारतीय रेलवे ने लोगों की जिंदगी को काफी आसान बना दिया है. लोग एक शहर से दूसरे शहर तक आसानी से जा सकते हैं. रेलवे ने भी लोगों की सुख- सुविधाओं का बहुत अच्छी तरह से ध्यान रखा है. ट्रेन में वॉशरूम की सुविधा से लेकर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट तक सबकुछ होता है. चार्जिंग पॉइंट आम लोगों की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. हालांकि इसके लिए रेलवे के कुछ अलग से नियम भी हैं. आइये बताते हैं क्या.

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चार्जिंग पॉइंट के लिए अलग हैं नियमट्रेन के हर कोच में चार्जिंग पॉइंट लगे होते हैं. ये केवल 1 या दो नहीं होते बल्कि हर सीट के लिए अलग- अलग होते हैं. इनकी मदद से आप अपने फोन, लैपटॉप या कोई और इलैक्ट्रिक डिवाइस चार्ज कर सकते हैं. लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट पूरे 24 घंटे चालू नहीं रहते हैं. बल्कि रात में एक तय समय पर यानी 11 बजे ये चार्जिंग पॉइंट बंद हो जाते हैं और सीधे कई घंटों के बाद सुबह 5 बजे ये दोबारा चालू कर दिए जाते हैं.

क्यों बना है ये नियम?रेलवे की तरफ से ये नियम ऐसे ही बिजली बचाने के लिए नहीं बना है, बल्कि इसके पीछे यात्रियों की सुरक्षा निहीत है. आइये बताते हैं क्यों जरूरी है ट्रेन में चार्जिंग पॉइंट का बंद होना.

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  • रात में सोते समय कई लोग अपने मोबाइल या लैपटॉप को चार्ज पर लगाकर भूल जाते हैं, ये काफी खतरनाक हो सकता है.
  • लंबे समय तक लगातार चार्ज होने की वजह से डिवाइस ओवरहीट हो सकता है.
  • ट्रेन में आग लगने का खतरा इसकी वजह से बढ़ जाता है.
  • हर ट्रेन के लिए नियम अलग है, ऐसे में किसी- किसी में समय को लेकर कुछ बदलाव हो सकता है.

इसे रातभर ऑन रखना काफी रिस्की हो सकता है, ऐसे में ये रेलवे की तरफ से सुरक्षा के लिहाज से काफी अच्छा कदम है. तो अगली बार अगर आप भी किसी ट्रेन में सफर कर रहे हों तो ध्यान रखें कि रात 11 बजे से पहले ही अपना फोन या कोई भी डिवाइस पूरी तरह से चार्ज करके रख लें, वरना सीधे सुबह ही चार्ज कर पाएंगे.