Diesel News: कार में डाल दिया पानी-केरोसिन वाला मिलावटी डीजल, कोर्ट ने पंप पर ठोका जुर्माना, ग्राहक समझें अपने अधिकार
Diesel News: एक उपभोक्ता की कार मिलावटी डीजल की वजह से खराब हो गई. जिसके बाद पेट्रोल पप के ऊपर तगड़ा जुर्माना लगाया गया है. हर ग्राहक को पता होना चाहिए अपने ये अधिकार.

Diesel News: जहां एक तरफ E20 फ्यूल को लेकर लोगों के बीच ये बात फैली है कि उसकी वजह से कार का इंजन खराब हो सकता है. तो वहीं दूसरी तरफ राजस्थान से एक नया मामला सामने आ रहा है. जहां पर एक ग्राहक ने अपनी कार में डीजल डलवाया और उससे उसकी कार खराब हो गई. जिसके बाद व्यक्ति ने पेट्रोल पंप पर केस किया और कोर्ट ने अच्छा- खासा हरजाना भरने के आदेश दिए.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल ये मामला राजस्थान के श्रीगंगानगर का है, जहां शिकायतकर्ता ने अपनी Kia कार में 4,000 रुपये का डीजल भरवाया था और इसका भुगतान PhonePe से किया था. कुछ समय बाद कार में खराबी आ गई. चेक करने पर पता चला कि डीजल में पानी, केरोसिन और अन्य मिलावटी चीजें मिली हुई थीं, जिससे कार का डीजल इंजेक्टर खराब हो गया.
गाड़ी खराब होने के बाद शिकायतकर्ता ने 4 फरवरी 2025 को पेट्रोल पंप से शिकायत की थी. उस समय पेट्रोल पंप ने अपनी गलती मानते हुए नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया. इसके बाद ग्राहक ने कार की मरम्मत करवाई. इंजेक्टर को मरम्मत के लिए चंडीगढ़ भेजा गया, फ्यूल टैंक की सफाई कराई गई और कुल 44,596 रुपये का खर्च आया. लेकिन बाद में पेट्रोल पंप ने ये रकम देने से इनकार कर दिया. इसके बाद ग्राहक ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई.
आयोग का फैसला
शिकायत के बाद आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपने दावों के समर्थन में जरूरी दस्तावेज और सबूत पेश किए हैं. वहीं, पेट्रोल पंप आयोग के सामने अपना पक्ष रखने नहीं आया. इसलिए शिकायतकर्ता के दावों पर भरोसा करने का पर्याप्त आधार है. आयोग ने माना कि मिलावटी डीजल की वजह से कार को नुकसान हुआ और ये Deficiency in Service कहलाता है, ऐसे में ये पूरी तरह से अनफेयर ट्रेड प्रेक्टिस का मामला बन जाता है.
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जिसके बाद आयोग ने पेट्रोल पंप को आदेश देते हुए कहा कि वो कार की मरम्मत के 44,596 रुपये लौटाए. इस राशि पर 2 फरवरी 2025 से 9% सालाना ब्याज भी दे. मानसिक परेशानी के लिए 5,000 रुपये दे. मुकदमे का खर्च 5,000 रुपये दे. आोग का ये फैसला उपभोक्ता के लिए राहत भरा है.
ग्राहक समझें अपने अधिकार
ये मामला अन्य उपभोक्ताओं के लिए एक सीख है. कि अगर कभी आपके साथ ऐसा कुछ होता है कि मिलावटी पेट्रोल या डीजल की वजह से गाड़ी खराब हो जाती है, तो आप उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर मुआवजा मांग सकते हैं. अगर पर्याप्त सबूत मौजूद हों और संबंधित कंपनी अपना पक्ष न रखे, तो आयोग उपभोक्ता के पक्ष में फैसला दे सकता है.


















