दिल्ली-NCR समेत देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. ऐसे में घर के अंदर साफ हवा बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है. बाजार में उपलब्ध एयर प्यूरीफायर की ऊंची कीमतों के कारण हर परिवार इन्हें खरीदने में सक्षम नहीं है. इसी समस्या का समाधान खोजते हुए IIT बॉम्बे के रिसर्च स्कॉलर रोहन कुमार एक ऐसा एयर प्यूरीफायर विकसित कर रहे हैं, जिसकी शुरुआती कीमत महज 2 हजार रुपये बताई जा रही है.
रोहन कुमार बिहार में पले-बढ़े हैं और दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी रह चुके हैं. अलग-अलग शहरों में हवा की गुणवत्ता का अंतर देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि साफ हवा तक पहुंच हर व्यक्ति के लिए आसान नहीं है.
उन्होंने शुरुआत में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट के उपचार पर शोध किया था. इसी क्षेत्र में हासिल अनुभव से उन्हें कम ऊर्जा में काम करने वाली तकनीक विकसित करने की प्रेरणा मिली. उन्होंने 2024 की शुरुआत में एयर प्यूरीफायर पर प्रयोग शुरू किए और डिजाइन को अंतिम रूप देने से पहले करीब 9 से 10 प्रोटोटाइप तैयार किए.
IIT बॉम्बे के स्कॉलर ने तैयार किया सस्ता एयर प्यूरीफायर
रोहन कुमार का यह प्रोजेक्ट एनिवोरफोज एयर प्योरिफआयर नाम से विकसित किया जा रहा है. इसकी खासियत यह है कि इसमें प्राकृतिक रेशों, पौधों और उपयोगी बैक्टीरिया की मदद से हवा में मौजूद प्रदूषणों को कम करने की कोशिश की गई है. शुरुआती आंतरिक परीक्षणों में डिवाइस ने 80 से 85 प्रतिशत तक वायु प्रदूषण कम करने का दावा किया है. हालांकि, इन नतीजों की स्वतंत्र प्रयोगशाला से पुष्टि होना अभी बाकी है.
कितनी होगी कीमत और कब आएगा बाजार में?
रोहन कुमार के इस एयर प्यूरीफायर के अलग-अलग मॉडल तैयार किए जा रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत इस प्रकार हो सकती है:
- बेस मॉडल- 2 हजार रुपये से शुरू
- मिड-रेंज मॉडल- 5 हजार से 6 हजार रुपये
- प्रीमियम मॉडल- लगभग 10 हजाररुपये
परीक्षण में क्या सामने आया?
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 800 क्यूबिक फीट के बंद कमरे में किए गए आंतरिक परीक्षण के दौरान 20 मिनट में प्रदूषण के स्तर में 80 से 85 प्रतिशत तक कमी दर्ज किए जाने का दावा किया गया. फिलहाल यह डिवाइस परीक्षण के चरण में है. रोहन कुमार अपने पीएचडी शोध के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. उनकी टीम में विपुल, देबाशीष और अभिनव भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पाद को दिसंबर 2026 में लॉन्च करने की योजना है. प्रदूषण कम करने से जुड़े आंकड़े अभी आंतरिक परीक्षणों पर आधारित हैं. खरीदने से पहले स्वतंत्र परीक्षण और प्रमाणन के नतीजों का इंतजार करना उचित होगा.
प्राकृतिक चीजों से कैसे साफ होगी हवा?
इस एयर प्यूरीफायर में बांस, नारियल, केले और जूट के रेशों के अलावा सूती कपड़े तथा अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है. इसमें एक्टिवेटेड कार्बन, बायोचार और जियोलाइट जैसे पदार्थ भी शामिल हैं, जो हवा में मौजूद कुछ प्रदूषणों को सोखने में मदद कर सकते हैं.
डिवाइस की कई परतें धूल और PM2.5 तथा PM10 जैसे सूक्ष्म कणों को रोकने के लिए बनाई गई हैं. इसके अलावा, उपयोगी बैक्टीरिया और इनडोर पौधों की मदद से कुछ रासायनिक प्रदूषकों को कम करने की योजना है.
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