मां ने कर ली दूसरी शादी तो पिता की संपत्ति पर बेटी का हक है नहीं? हाई कोर्ट ने किया साफ
मद्रास हाई कोर्ट का यह कहना है की मां की दूसरी शादी हो जाने से दिवंगत पिता की संपत्ति से उसकी बेटी की उत्तराधिकारिता खत्म नहीं होती. कोर्ट ने सुनिश्रित किया की बेटी का अधिकार उस से कोई नहीं छीन सकता.

क्या मां की दूसरी शादी होने से बेटी का अपने दिवंगत पिता की संपत्ति पर कानूनी अधिकार खत्म हो जाएगा? इस बात को अब हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है. मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि दिवंगत पिता की संपत्ति पर बेटी का कानूनी अधिकार बरकरार रहेगा. कोर्ट ने कहा कि हिंदू संयुक्त परिवार की संपत्ति में पिता के हिस्से पर बेटी का उत्तराधिकार मां के बाद में दोबारा विवाह करने से प्रभावित नहीं होगा.
मामला एक व्यक्ति की संपत्ति से जुड़ा था, जिसकी मृत्यु के बाद उसके पीछे पत्नी और बेटी रह गई थीं. पति की मृत्यु के बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं मांगा. फिर बेटी ने पिता के हिस्से पर अपना उत्तराधिकार जताया. वह परिवार की एकमात्र कानूनी उत्तराधिकारी थी.
एक अन्य सह-हिस्सेदार ने तर्क दिया कि मां के फिर से शादी के बाद मृतक का हिस्सा दूसरे सह-हिस्सेदारों को वापस मिलना चाहिए. याचिकाकर्ता की दलील थी कि बेटी को भी उस संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए. बेटी की ओर से कहा गया कि मां की दोबारा शादी का असर केवल मां के अधिकार पर पड़ सकता है, बेटी के वैधानिक उत्तराधिकार पर नहीं.
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हाईकोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति पीबी बालाजी ने 25 अगस्त के आदेश में इस दलील को खारिज कर दिया. अदालत ने हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की संबंधित धारणाओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि पुनर्विवाह से जुड़ी अयोग्यता केवल उस विधवा पर लागू होती है, जिसने दोबारा विवाह किया है. इसका प्रभाव दूसरे उत्तराधिकारियों के अधिकारों पर नहीं पड़ता.
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बेटी का उत्तराधिकारी कानून के तहत सुरक्षित
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का इस मामले में सीधा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह अलग कानूनी प्रावधान और अलग परिस्थितियों से संबंधित था. इस मामले में मां ने संपत्ति पर दावा नहीं किया था और बेटी मृतक की एकमात्र उत्तराधिकारी थी.
इस आधार पर हाई कोर्ट ने कहा कि मां का पुनर्विवाह बेटी को उसके पिता की संपत्ति से वंचित करने का कारण नहीं बन सकता. बेटी का उत्तराधिकार कानून के तहत सुरक्षित है.
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