IDFC First Bank Fraud Case: कहीं आपका पैसा भी तो इस्तेमाल नहीं कर रहे बैंककर्मी, जानें कैसे पकड़ सकते हैं गड़बड़ी?
IDFC First Bank Fraud Case: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 950 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. यह मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

देश के प्राइवेट सेक्टर के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में 950 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में यह धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. यह मामला चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा है, जहां हरियाणा सरकार के कुछ खातों में कथित अनियमितताएं पाई गई है. इस खुलासे के बाद बैंक के शेयरों में करीब 20 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
हालांकि पूरे घटनाक्रम के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी एक बैंक तक सीमित है और देश के बैंकिंग सिस्टम के लिए कोई सिस्टमैटिक रिस्क नहीं है. आरबीआई ने कहा कि वह हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि कहीं बैंक कर्मी आपका पैसा भी तो इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और इसे लेकर आप गड़बड़ी को कैसे पकड़ सकते हैं.
कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार के एक डिपार्टमेंट ने अपना खाता बंद कर शेष राशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया था. इसी प्रक्रिया के दौरान बैंक रिकॉर्ड और सरकारी रिकॉर्ड के बैलेंस में अंतर सामने आया शुरुआती जांच में संकेत मिले कि शाखा के कुछ कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत से फर्जी लेनदेन किए गए. बैंक ने नियामकों को सूचना देने के साथ पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है और चार अधिकारियों को निलंबित किया है. साथ ही फॉरेंसिक ऑडिट के लिए स्वतंत्र एजेंसी भी नियुक्त की गई है. वहीं इस फ्रॉड को लेकर बैंक का कहना है कि यह गड़बड़ी सिर्फ कुछ सरकारी खातों तक सीमित है. सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, क्रेडिट कार्ड या आम ग्राहकों के खातों पर इसका असर नहीं है. वहीं आरबीआई ने भी भरोसा दिलाया है कि बैंकिंग सिस्टम मजबूत स्थिति में है.
अगर बैंक कर्मचारी ही कर दे धोखाधड़ी तो क्या होगा?
पिछले कुछ वर्षों में कई मामलों में यह सामने आया है कि शाखा प्रबंधक या अन्य कर्मचारी ने ग्राहकों के पैसे का गलत इस्तेमाल किया. सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2024 के एक फैसले में यह माना कि अगर कर्मचारी ने अपने ड्यूटी के दौरान धोखाधड़ी की है तो उसकी जिम्मेदारी बैंक की भी बनती है. यानी ग्राहक बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है.
गड़बड़ी पकड़ने के लिए क्या करें?
बैंक को लेकर हुए इस फ्रॉड के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर किसी के खाते में गड़बड़ी हो तो उसे कैसे पहचाना जाए. इसके लिए अपने खाते का स्टेटमेंट नियमित रूप से जांचें. हर ट्रांजेक्शन का एसएमएस और ईमेल अलर्ट एक्टिव रखें. किसी भी संदिग्ध एंट्री पर तुरंत बैंक को लिखित शिकायत दें. वहीं किसी भी संदिग्ध एंट्री पर तुरंत बैंक को लिखित शिकायत दें. बैंक कर्मचारी के साथ हुई हर अहम बातचीत का रिकॉर्ड रखें. वहीं कोशिश करें कि बैंक के साथ ईमेल के जरिए बातचीत करें ताकि लिखित सबूत रहे. किसी भी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर बैंकिंग जानकारी शेयर न करें और अपने खाते का पासवर्ड और ओटीपी किसी के साथ शेयर न करें.
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Source: IOCL
























