डिजिटल दौर में जहां मोबाइल, यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग ने जिंदगी आसान बनाई है. वहीं साइबर अपराधियों ने ठगी के नए-नए तरीके भी निकाल लिए हैं. इन्हीं में से एक खतरनाक तरीका डिजिटल अरेस्ट स्कैम है, जो तेजी से लोगों को अपना शिकार बन रहा है. इस स्कैम में ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, एनसीबी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बता कर फोन या वीडियो कॉल पर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठ लेते हैं.

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केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 के पहले 10 महीनों में ही डिजिटल अरेस्ट स्कैम के जरिए देश भर में 2140 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हो चुकी थी. यही वजह है कि यह समझना बहुत जरूरी हो गया है कि फोन पर आ रही है कॉल असली है या स्कैमर की. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि फोन पर आ रही कॉल स्कैमर की है या नहीं यह आप कैसे पहचान सकते हैं.

क्या होता है डिजिटल अरेस्ट स्कैम?

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डिजिटल अरेस्ट कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक साइबर फ्रॉड है. इसमें अपराधी दावा करते हैं कि आपका आधार, बैंक अकाउंट या किसी कूरियर के जरिए आप किसी गंभीर अपराध में फंस गए हैं. इसके बाद वह कहते हैं कि आपको तुरंत वीडियो कॉल पर जांच में रहना होगा और वहीं से आपकी डिजिटल गिरफ्तारी दिखा दी जाती है. इस दौरान जमानत, क्लीयरेंस फीस या फाइन के नाम पर यूपीआई, बैंक ट्रांसफर या डिजिटल पेमेंट की मांग की जाती है.

कॉल स्कैमर की है या नहीं कैसे पता लगाएं?

  • अगर आपके पास भी ऐसी कॉल आए जिसमें आपको डराकर ठगने की कोशिश की जाए तो समझ जाएं कि वह साइबर ठग हो सकते हैं.
  • डिजिटल अरेस्ट स्कैम में स्कैमर कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देते हैं और पैसे मांगते हैं.
  • आपके पास भी ऐसी कोई कॉल आए तो आप अपना आधार नंबर, बैंक डिटेल, ओटीपी और पासवर्ड जैसी जानकारी शेयर न करें.
  • वहीं कॉलर अगर खुद को सरकारी ऐजेंसी या पुलिस का अधिकारी बताएं तो पहले उसे वेरीफाई करें.
  • दरअसल कोई भी सरकारी एजेंसी आपको फोन पर जुर्माना या जमानत भरने को नहीं कहती है.
  • अगर कॉलर जुर्माना या डिजिटल पेमेंट की मांग करें तो समझ जाएं वह 100 प्रतिशत स्कैम है.ऐसे नंबर पर बिल्कुल पेमेंट न करें.
  • इसके अलावा अगर आपको कॉल पर कोई लिंक या ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाए तो भी समझ जाए कि वह स्कैम हो सकता है.
  • डिजिटल अरेस्ट जैसी कॉल आने पर आप कोशिश करें कि कॉल को रिकॉर्ड करें और फिर साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in या लोकल पुलिस में शिकायत दर्ज करें.
  • इस तरह की कॉल से बचने के लिए आप अपने फोन पर Truecaller या Spam Detection सर्विस ऑन रखें, जिससे संभावित ठगों की पहचान हो सके.

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