Money Management Tips: सुनकर जरा घबराहट होगी, लेकिन सोचिए अगर अचानक नौकरी चली जाए? घर में कोई मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या कोई बड़ा खर्च सामने आ जाए, ऐसे समय में आप क्या करेंगे? मुसीबत की घड़ी में इमरजेंसी फंड सबसे बड़ा सहारा बनता है. लेकिन 25,000 रुपये महीने की सैलरी पाने वाले कई लोगों को लगता है कि इतनी कम आय में बचत करना मुश्किल है. हालांकि सही प्लानिंग के साथ छोटी-छोटी बचत से भी अच्छा इमरजेंसी फंड तैयार किया जा सकता है.
क्या होता है इमरजेंसी फंड?
इमरजेंसी फंड वह पैसा होता है जो सिर्फ मुश्किल समय के लिए अलग रखा जाता है. इसका इस्तेमाल नौकरी जाने, बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य जरूरी खर्च के दौरान किया जाता है. वित्तीय विशेषज्ञ आमतौर पर 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाने की सलाह देते हैं.
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25,000 रुपये की सैलरी में कितना होना चाहिए इमरजेंसी फंड?
मान लीजिए आपकी मासिक आय 25,000 रुपये है और हर महीने का जरूरी खर्च लगभग 18,000 रुपये है. ऐसे में मान लिजिए आपका महीने का खर्च 18000 रुपये है तो 6 महीने का खर्च 1,08,000 हुआ. इसका मतलब आपके पास कम से कम 1 लाख रुपये का इमरजेंसी फंड तैयार करना होना चाहिए.
हर महीने कितना बचाना चाहिए?
अगर आप हर महीने 2,500 रुपये बचाते हैं. तो 1 साल में 30000 रुपए, 2 साल में 60000 रुपए और 3 साल में 90,000 रुपए की बचत होगी. वहीं, अगर आप हर महीने 3000 रुपये बचा लेते हैं तो लगभग 3 साल में 1 लाख रुपये का फंड तैयार हो सकता है.
50-30-20 नियम अपनाएं-
25,000 रुपये की सैलरी के लिए 50-30-20 का नियम सबसे बेस्ट होता है. यानी 50% (₹12,500) जरूरी खर्च के लिए रखें, 30% (₹7,500) अन्य खर्च के लिए और 20% (₹5,000) की सेविंग करें. अगर 20% बचाना मुश्किल लगे तो शुरुआत 10% यानी 2500 रुपये से भी बचा सकते हैं.
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इमरजेंसी फंड कहां रखें?
इमरजेंसी फंड को ऐसी जगह रखें जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत पैसा मिल सके. जैसे कि आप अपने सेविंग अकाउंट, हाई-इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट, लिक्विड म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में इसे रख सकते हैं. शेयर बाजार या ज्यादा जोखिम वाले निवेश में इमरजेंसी फंड कभी नहीं रखना चाहिए.
फंड जल्दी बनाने के आसान तरीके-
अगर आपको फंड जल्दी तैयार करना है तो सबसे पहले तो अनावश्यक खर्च कम करें और हर महीने बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग और गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन पर नजर रखें. सैलरी आते ही बचत करें और पहले बचत निकालें, फिर बाकी खर्च करें. बोनस, फ्रीलांस काम या किसी अन्य आय का हिस्सा सीधे इमरजेंसी फंड में डालें. और सबसे जरूरी बात कि इमरजेंसी फंड का अलग अकाउंट रखें. इमरजेंसी फंड के लिए अलग बैंक अकाउंट रखने से पैसा खर्च होने की संभावना कम रहती है.
