अगर आप अक्सर फ्लाइट में यात्रा करते हैं तो आप फ्लाइट के नियमों के नियम भी जानते होंगे. दरअसल अक्सर फ्लाइट का टिकट कराते समय यात्री के मन में यही सवाल हाेता है कि टिकट कैंसिल करने पर पैसा वापस कब तक मिलेगा. कई यात्रियों की शिकायत रहती है कि रिफंड के लिए उन्हें हफ्तों इंतजार करना पड़ता है. वहीं अब इस मामले में नियम साफ कर दिए गए हैं. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने टिकट रिफंड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए समय सीमा तय कर दी है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं की फ्लाइट टिकट कैंसिल करने पर कितने दिन में आप रिफंड पा सकते हैं और ज्यादा लेट हो तो शिकायत कहां करें. 

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14 वर्किंग डेज में मिलना चाहिए रिफंड 

डीजीसीए के अनुसार अगर यात्री टिकट कैंसिल करता है तो एयरलाइन को हर हाल में 14 वर्किंग डेज के अंदर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. चाहे टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो या किसी ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया गया हो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की ही मानी जाएगी. एजेंट को एयरलाइन का प्रतिनिधि माना जाता है, इसलिए एयरलाइन यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती है कि पैसा एजेंट के पास है. 

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48 घंटे में कैंसिलेशन पर नहीं लगेगा चार्ज 

डीजीसीए ने 48 घंटे का लुक इन ऑप्शन भी लागू किया है. अगर फ्लाइट की तारीख तय शर्तों के अनुसार पर्याप्त समय बाद की है और टिकट बुकिंग के 48 घंटे के अंदर कैंसिल या बदलाव किया जाता है तो कोई एक्स्ट्रा कैंसिलेशन फीस नहीं ली जाएगी. हालांकि नई तारीख पर किराया ज्यादा होने की स्थिति में किराए का अंतर देना पड़ सकता है.

रिफंड ज्यादा लेट हो तो कहां करें शिकायत?

अगर 14 वर्किंग डेज के बाद भी रिफंड नहीं मिलता है, तो यात्री संबंधित एयरलाइन के कस्टमर केयर में लिखित शिकायत दर्ज करा सकता है. इसके बाद भी समाधान न मिले तो मामला डीजीसीए के शिकायत निवारण तंत्र में ले जाया जा सकता है, जहां एयरलाइंस पर नियम उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई हो सकती है. वहीं अगर टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक हुआ है और 24 घंटे के अंदर नाम में टाइपिंग की गलती बताई जाती है तो एयरलाइन उस यात्री के नाम में सुधार के लिए कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ले सकती है. अगर यात्री या उसी पीएनआर पर दर्ज परिवार का सदस्य हॉस्पिटल में भर्ती हो जाता है तो एयरलाइन को पूरा रिफंड या क्रेडिट शेल देने का विकल्प देना होगा. अन्य मामलों में रिफंड एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर तय किया जाएगा.

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