Flight Cancellation Compensation: शादी जैसे खास मौके पर घर लौट रहे एक दूल्हे की मुश्किलें उस वक्त बढ़ गईं, जब एयरपोर्ट पहुंचने पर ऐन मौके पर उसे पता चला कि उसकी फ्लाइट बहुत पहले ही रद्द की जा चुकी है. सबसे से हैरानी की बात यह थी कि फ्लाइट कैंसिल होने की उसे न तो कोई जानकारी मिली और न ही एयरलाइन की तरफ से टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म ने कोई मैसेज भेजी. अचानक हुई इस बदलाव के कारण उसे अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. बाद में ये मामला कोर्ट तक पहुंचा, जहां कोर्ट ने यात्री के पक्ष में फैसला सुनाते हुए टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म को मुआवजा देने का आदेश दिया.
क्या है पूरा मामल?
दरअसल यह मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला का है, जहां एक दूल्हे ने अपनी शादी में समय पर पहुंचने के लिए लेह से दिल्ली तक की फ्लाइट बुक की थी, लेकिन टिकट बुक होने के बावजूद यात्रा वाले दिन एयरपोर्ट पहुंचने पर उसे अपनी फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली. शादी में पहुंचाने की जल्दबाजी की वजह से उसे ज्यादा पैसे खर्च करके यात्रा करनी पड़ी, जिसके बाद उसने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
क्या रेलवे स्टेशन पर पूरी रात रुक सकते हैं? जानिए रेलवे के ये नियम
शादी में पहुंचने के लिए करनी पड़ी महंगी यात्रा
- शिकायतकर्ता ने मई 2023 में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फ्लाइट की टिकट बुक किया था.
- एयरपोर्ट पहुंचने पर ऐन मौके पर उसे फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली.
- यात्री का कहना था कि अगर पहले उसे कोई SMS या ईमेल मिल जाती तो वह शादी में जाने के लिए दूसरी व्यवस्था कर सकता था.
- कोई दूसरा ऑप्शन न होने के कारण उसे दिल्ली पहुंचने के लिए 18,000 रुपये में टैक्सी किराए पर लेनी पड़ी.
क्यों ठहराया गया बुकिंग प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार?
सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि संबंधित एयरलाइन ने टिकट जारी होने से पहले ही अपनी उड़ान सेवाएं बंद कर दी थीं. इसके बावजूद बुकिंग प्लेटफॉर्म ने टिकट जारी किया. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि यात्री को फ्लाइट रद्द होने की कोई जानकारी भी नहीं दी जिससे यात्री को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.
आयोग ने माना कि टिकट जारी करने के बाद भी यात्री को सही समय पर जानकारी न देना और बुकिंग एक्सेप्ट करना प्लेटफॉर्म की लापरवाही है. इस लापरवाही की वजह से यात्री को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी दोनों का सामना करना पड़ा था. यही वजह है कि कोर्ट ने EaseMyTrip को मुआवजा देने का आदेश दिया.
कितना मिला मुआवजा?
- आयोग ने बुकिंग प्लेटफॉर्म (EaseMyTrip) को निर्देश दिया कि वह:
- टिकट की पूरी रकम 14,261 रुपये लौटाए.
- टैक्सी पर खर्च हुए 18,000 रुपये की भरपाई करे.
- मानसिक पीड़ा और परेशानी के लिए 25,000 रुपये मुआवजा दे.
- मुकदमे के खर्च के रूप में 4,000 रुपये अतिरिक्त पेमेंट करे.
- इसके साथ ही आयोग ने यह भी कहा कि तय समय के अंदर पेमेंट नहीं करने पर रकम पर ब्याज भी देना पड़ सकता है.
सरकार ने एक साल के लिए माफ किया लैंड Tax, जमीन मालिकों और किसानों को राहत
