Government Scheme: बेटियों के लिए वरदान है ये योजना, 21 साल की उम्र में मिलेगा 72 लाख का बंपर फंड, जानें नियम
SSY Scheme: बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है. जहां, पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित यह एक बेहतरीन लॉन्ग टर्म बचत योजना है.

- आयकर धारा 80C के तहत टैक्स छूट, 18 साल पर 50% निकासी।
Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शरुआत की है. साल 2015 में शुरू की गई यह योजना पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित एक लॉन्ग टर्म बचत योजना की गिनती में आता है, जो बेटी की पढ़ाई से लेकर शादी तक के खर्चों की चिंता को पूरी तरह से खत्म कर देती है.
जानें योजना की मुख्य विशेषताएं और ब्याज दर
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, यह योजना पूरी तरह से सुरक्षित है, जहां सरकार खुद इस योजना की गारंटी देती है. तो वहीं, वर्तमान में इस योजना के तहत 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर दी जा रही है. इसके साथ ही 10 साल से कम आयु की बेटियों के लिए उनके माता-पिता द्वारा यह खाता खुलवाया जा सकता है. न्यूनतम 250 रुपये से खाता खोलने की शुरुआत होती है और एक साल तक 1.50 लाख रुपये तक आसानी से जमा भी किए जा सकते हैं.
घर के फर्श के लिए बजट के हिसाब से मार्बल या टाइल्स दोनों में से क्या है ज्यादा बेहतर?
क्या है योजना की मैच्योरिटी और निवेश की अवधि?
दरअसल, इस योजना की कुल अवधि 21 साल तक है, लेकिन माता-पिता को केवल शुरुआती 15 साल तक ही पैसे जमा करने होंगे. तो वहीं, आखिरी के 6 साल इसका लॉक-इन पीरियड होगा, जिसमें बिना पैसा जमा किए भी ब्याज लगातार जुड़ता जाएगा.
आखिर कैसे बना सकते हैं 72 लाख रुपये का फंड?
अगर आप बेटी के जन्म के 1 साल के अंदर ही खाता खोलकर हर महीने 12 हजार 500 रुपये तक का अधिकतम निवेश करते हैं, तो 15 सालों में आपका कुल निवेश 22 लाख 50 हजार रुपये हो जाएगा. तो वहीं, बेटी के 21 साल पूरे होने पर 8.2 प्रतिशत ब्याज के हिसाब से कुल 71 लाख 82 हजार 119 रुपये यानी कि 72 लाख रुपये आपको आसानी से मिल सकेगा, जिसमें सिर्फ और सिर्फ ब्याज का हिस्सा ही 49 लाख 32 हजार 119 रुपये होगा.
तो वहीं, इस योजना में इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट भी दी जाती है. अब पहली बेटी के बाद जुड़वां बेटियां होने पर भी तीनों को इस योजना का बड़ा फायदा मिल सकता है. बेटी की उम्र 18 साल होने पर शिक्षा के लिए कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा बिना किसी परेशानी के आप आसानी से निकाल भी सकते हैं.
सैलरी और सेविंग अकाउंट में क्या है अंतर, नौकरीपेशा लोगों के लिए क्या है बेहतर, आसान भाषा में समझिए





















