भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां ‘जय जवान, जय किसान’ जैसे नारे किसानों के सम्मान के लिए दिए जाते हैं. भारत में करीब 9 करोड़ से लेकर 15 करोड़ किसान हैं, जो भारत को एक कृषि प्रधान देश बनाते हैं, लेकिन भारत में किसानों की बड़ी संख्या गरीबी और अभावों में अपना जीवन जी रही है. इससे निपटने के लिए भारत की कई सरकारों ने प्रयास किए और किसानों के हित में कई योजनाएं भी चलाईं. भारत सरकार ने किसानों की प्रगति और उनके उत्थान के लिए कई परियोजनाएं लागू की हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में किसानों की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में.

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प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना

प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (PM-KMY) की शुरुआत 12 दिसंबर 2019 को की गई थी. इस योजना के तहत किसानों को सरकार की तरफ से सामाजिक सुरक्षा यानी पेंशन दी जाती है, जिससे किसान पूरे स्वाभिमान के साथ अपना बुढ़ापा काट सकें. यह पेंशन राशि किसानों को 60 साल की उम्र पूरी करने के बाद दी जाती है, जिसमें 3000 रुपये की पेंशन राशि हर महीने किसान को मुहैया कराई जाती है. इस स्कीम के तहत जितना पैसा किसान इस योजना में जमा करता है, उतना ही पैसा सरकार भी जमा कराती है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की प्रगति के लिए चलाई जा रही केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत किसानों को खेती के लिए जरूरी सामान की खरीद में मदद मिलती है, जिसमें बीज, खाद और खेती से जुड़े सामान शामिल हैं. इस योजना के तहत सरकार हर पात्र किसान परिवार को साल भर में कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है, जो किसानों को 2000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाती है.

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाता है कि देश में खेती करने वाले हर किसान को खेती के लिए पानी मिले और किसानों के खेती के साधनों को और अधिक बेहतर बनाया जा सके. सरकार का उद्देश्य है कि किसान अपनी फसलों के लिए केवल बारिश पर निर्भर न रहें, बल्कि उनके पास खेती के लिए आधुनिक साधन मौजूद हों. इस योजना के तहत खेतों में पानी पहुंचाने के लिए पाइपों का नेटवर्क बनाने और जल स्रोतों का विकास करना शामिल है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को उनकी फसल के नुकसान होने पर 2 से 5 फीसदी प्रीमियम पर बीमा दिया जाता है, जबकि इसके बाद का सारा पैसा सरकार की तरफ से दिया जाता है. अगर किसान की फसल किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य किसी कारण से खराब हो जाती है, तो बीमा के माध्यम से किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है.

किसान क्रेडिट कार्ड और फसल लोन

केंद्र सरकार ने देश में किसानों के लिए लोन की योजना शुरू की है, जिसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से लगभग 3 लाख रुपये तक का फसल लोन प्रदान किया जाता है. अब किसान सूदखोरों से ऊंची ब्याज दरों पर लोन लेने के बजाय इस योजना के तहत सरकारी बैंकों से लोन प्राप्त कर सकते हैं. इस लोन की ब्याज दर भी काफी कम है. किसान को 3 लाख रुपये तक का फसल लोन सिर्फ 7 फीसदी ब्याज पर मिलता है और अगर किसान समय पर पैसा लौटा देता है, तो उसे 3 फीसदी की अतिरिक्त छूट भी मिलती है. इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अगर किसान 1.6 लाख रुपये तक का लोन लेता है, तो उसे जमीन गिरवी रखने या जमानत देने की जरूरत नहीं होती है.

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