Fixed Deposit Tips: अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर निवेश करना चाहते हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD एक फ्रेंडली ऑप्शन है. इसमें एक तय अवधि के लिए पैसा जमा किया जाता है और बैंक या वित्तीय संस्थान उस पर पहले से तय ब्याज देता है. हालांकि FD कराने से पहले केवल ब्याज दर देखना ही काफी नहीं है. हालांकि इसे करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान भी रखना चाहिए.
ब्याज दर की तुलना करेंFD करवाने से पहले ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लें. अलग-अलग बैंकों में FD की ब्याज दर अलग हो सकती है. इसलिए निवेश करने से पहले कम से कम कुछ बैंकों की ब्याज दरों की तुलना तो जरूर कर लें. केवल सबसे ज्यादा ब्याज देने वाले बैंक को चुनने की जगह उसकी विश्वसनीयता और FD की शर्तों को भी समझें.
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अवधि सोच-समझकर चुनेंFD कुछ महीनों से लेकर कई सालों तक की हो सकती है. अगर आपको आने वाले समय में पैसों की जरूरत पड़ सकती है तो बहुत लंबी अवधि की FD करने से बचें. अपनी जरूरत और वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से अवधि चुनना बेहतर है.
समय से पहले पैसा निकालने की शर्त देखेंFD को मैच्योरिटी से पहले तोड़ने पर कई बैंक पेनल्टी लगा सकते हैं. ऐसे में मिलने वाला ब्याज भी कम हो सकता है. इसलिए निवेश से पहले बैंक की प्रीमैच्योर विदड्रॉल पॉलिसी जरूर पढ़ें. ये आपके बहुत काम आ सकती है. क्योंकि कई बार लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं होती और वो पहले ही पैसा निकाल लेते हैं और फिर नुकसान झेलते हैं.
टैक्स का ध्यान रखेंFD से मिलने वाला ब्याज आपकी आय में शामिल होता है और उस पर लागू नियमों के अनुसार टैक्स देना पड़ सकता है. कुछ मामलों में बैंक ब्याज पर TDS भी काट सकता है. इसलिए निवेश से पहले अपनी टैक्स देनदारी को समझना जरूरी है.
सिर्फ एक जगह पूरा पैसा न लगाएंअगर आपके पास बड़ी रकम है तो पूरी राशि एक ही FD में लगाने की जगह अलग-अलग अवधि की FD में पैसा बांट सकते हैं. इसे FD लैडरिंग कहा जाता है. इससे जरूरत पड़ने पर कुछ रकम आसानी से उपलब्ध हो सकती है.
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मैच्योरिटी की तारीख याद रखेंFD पूरी होने पर बैंक में जमा रकम और ब्याज मिल जाता है. अगर ऑटो-रिन्यूअल चालू है तो FD अपने आप दोबारा शुरू हो सकती है. इसलिए मैच्योरिटी से पहले अपनी जरूरत के हिसाब से तय कर लें कि रकम निकालनी है या फिर से निवेश करना है.
