<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>5 साल से पहले छोड़ दी नौकरी? तब भी मिल सकती है ग्रेच्युटी! जानें क्या कहता है कानून का नया नियम</title><atom:link href="https://www.abplive.com/utility-news/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Thu, 14 May 2026 10:23:52 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[2 हजार से ज्यादा अब नहीं भरा पाएंगे पेट्रोल, संकट के बीच इस राज्य में शुरू राशनिंग; जानें नया नियम]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/kerala-fuel-rationing-5000-cap-on-petrol-and-200-liter-limit-for-diesel-at-petrol-pump-stations-3129548</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/kerala-fuel-rationing-5000-cap-on-petrol-and-200-liter-limit-for-diesel-at-petrol-pump-stations-3129548#respond</comments><pubDate>Thu, 14 May 2026 08:41:33 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/kerala-fuel-rationing-5000-cap-on-petrol-and-200-liter-limit-for-diesel-at-petrol-pump-stations-3129548</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Petrol-Diesel Rationing: &lt;/strong&gt;केरल में पेट्रोल-डीजल की खरीद को लेकर नए नियम जारी करने की खबरें सामने आ रही हैं. बताया जा रहा है कि केरल में पेट्रोल-डीजल की खरीद पर सीमित प्रतिबंध (राशनिंग) लागू कर दी गई है. इसका मकसद अचानक स्टॉक खत्म होने से रोकना और बेहतर सप्लाई सुनिश्चित करना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नए नियम के तहत, प्रति व्यक्ति अधिकतम 5000 रुपये तक का ही पेट्रोल खरीदने की अनुमति दी गई है. वहीं, कोई भी ग्राहक एक बार में अधिकतम 200 लीटर डीजल से अधिक नहीं खरीद पाएगा. यानी कि ग्राहकों को एक बार में ज्यादा से ज्यादा 200 लीटर डीजल और प्रति व्यक्ति लगभग 5,000 रुपये तक का पेट्रोल खरीदने की ही अनुमति होगी. इसी क्रम में राज्य में ड्रम, जेरीकेन या अन्य बड़े कंटेनरों में थोक में ईंधन ले जाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.&amp;nbsp;यह फैसला केरल स्टेट पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन ने मिलकर लिया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्यों लिया गया यह फैसला?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अब पेट्रोल पंपों को लंबे समय की सप्लाई विंडो के बजाय केवल 2-3 दिन की जरूरतों के हिसाब से ही स्टॉक जारी कर रही है. केरल में लगभग 2500 पेट्रोल पंप हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर कोई बड़ा खरीदार एक बार में हजारों लीटर तेल खरीद लेता है, तो आम जनता के लिए पंप तुरंत Stock Out हो जाएगा. इसकी एक और वजह यह है कि तेल कंपनियों ने क्रेडिट &amp;nbsp;(उधार) की सुविधा खत्म कर दी है और एडवांस पेमेंट (नकद भुगतान) अनिवार्य कर दिया है. इससे छोटे पंप मालिकों के लिए भारी मात्रा में स्टॉक मंगवाना मुश्किल हो गया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आम जनता पर असर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार, बाइक या ऑटो रिक्शा चालकों पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि 5000 रुपये में सामान्य गाड़ियों में टैंक आराम से फुल हो जाता है. हालांकि, लंबी दूरी के भारी ट्रकों, निजी बसों और मालवाहक गाड़ियों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी क्योंकि उन्हें सफर पूरा करने के लिए 200 लीटर से कहीं अधिक डीजल की जरूरत पड़ती है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस बीच, केंद्र सरकार और राज्य के तेल उद्योग समन्वयकों ने साफ तौर पर कह दिया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त आपातकालीन भंडार है इसलिए नागरिकों को घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;BREAKING: Gold ख़रीदने पर क्यों PM ने लगाई गुहार! क्या देश पर आने वाला है बड़ा Economic Pressure?&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/lsZLr82kYyY&quot; width=&quot;775&quot; height=&quot;436&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p class=&quot;abp-article-title&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/business/petrol-diesel-price-may-increase-rbi-governor-says-if-iran-war-continues-petrol-diesel-price-hike-check-latest-fuel-rate-3129533&quot;&gt;क्या जल्द बढ़ेगी Petrol-Diesel की कीमत? अब तो RBI गवर्नर ने भी कर दिया इशारा, चेक करें आज का रेट&amp;nbsp;&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/14/1f198ea7d19209040c75f38fe7d1223917787253080941379_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Loan Guarantor: किसी के भी लोन गारंटर बनने से पहले जान लें ये बड़े जोखिम, कहीं मदद करना ना पड़ जाए भारी]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/know-the-benefits-and-loss-of-being-bank-loan-guarantor-for-home-loan-3129512</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/know-the-benefits-and-loss-of-being-bank-loan-guarantor-for-home-loan-3129512#respond</comments><pubDate>Thu, 14 May 2026 00:25:44 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/know-the-benefits-and-loss-of-being-bank-loan-guarantor-for-home-loan-3129512</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Loan Guarantor:&lt;/strong&gt; जब कोई व्यक्ति बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन लेता है, तो कई बार बैंक उससे एक गारंटर की मांग करता है. गारंटर वो व्यक्ति होता है जो ये भरोसा दिलाता है कि अगर लोन लेने वाला व्यक्ति पैसा वापस नहीं चुका पाएगा, तो वो जिम्मेदारी गारंटर की होगी. कई बार अपने परिवार या दोस्तों की मदद करने के लिए बैंक के गारंटर तो बन जाते हैं, लेकिन इसके फायदे और नुकसान के बारे में नहीं जानते हैं. तो आज हम आपको यही बताने वाले हैं कि किसी के होम लोन या किसी भी अन्य लोन लेने पर गारंटर बनने के फायदे और नुकसान क्या है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;गारंटर बनने के फायदे&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;सबसे पहले यहां पर किसी के गारंटर बनने के फायदों के बारे में बात करते हैं. इसली लिस्ट ज्यादा लंबी तो नहीं है, लेकिन फिर भी यहां जानें मुख्य फायदे:&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जरूरतमंद की मदद होती है, गारंटर बनकर आप किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को लोन दिलाने में मदद कर सकते हैं. कई बार गारंटर न होने की वजह से लोगों का लोन पास नहीं हो पाता.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब आप किसी के लिए गारंटी देते हैं, तो इससे आपके और उस व्यक्ति के बीच विश्वास बढ़ता है. परिवार और रिश्तों में सहयोग की भावना मजबूत होती है.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कई लोग गारंटर बनने को जिम्मेदारी और भरोसे की निशानी मानते हैं. इससे समाज में आपकी अच्छी छवि बन सकती है.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/small-business-ideas-for-women-in-low-budget-boutique-jewellery-making-cooking-3129500&quot;&gt;Business Ideas: हाउस वाइफ से बनना चाहती हैं बिजनेस वुमन? घर बैठे कर सकती हैं ये 5 काम, ना लगेंगे ज्यादा पैसे ना मेहनत&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;गारंटर बनने के नुकसान&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;आपको ये जानकर हैरानी होगी कि गारंर बनने के फायदे से ज्यादा नुकसान होते हैं. इन्हें जाने लेंगें तो अगली बार बहुत सोच समझकर ही इस तरह के फैसले लेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर लोन लेने वाला व्यक्ति समय पर EMI नहीं भरता, तो बैंक गारंटर से पैसे मांग सकता है. यानी पूरा कर्ज चुकाने की जिम्मेदारी आपके ऊपर आ सकती है.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यदि लोन की किश्तें समय पर नहीं भरी जातीं, तो उसका असर गारंटर के CIBIL स्कोर पर भी पड़ सकता है. इससे भविष्य में आपको खुद लोन लेने में परेशानी हो सकती है.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लोन डिफॉल्ट होने पर बैंक गारंटर के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई कर सकता है. कई मामलों में नोटिस या कोर्ट- कचहरी तक की नौबत आ जाती है.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब आप किसी के लोन के गारंटर बनते हैं, तो बैंक उसे आपकी वित्तीय जिम्मेदारी मान सकता है. इससे भविष्य में आपके होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की क्षमता कम हो सकती है.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर लोन लेने वाला व्यक्ति पैसा वापस नहीं करता, तो पैसों को लेकर रिश्तों में विवाद और तनाव पैदा हो सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आपको यदि किसी दोस्त या रिश्तेदार का गारंटर बनना है तो उससे पहले आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. जैसे कि जिस व्यक्ति के लिए गारंटर बन रहे हैं, उसकी आर्थिक स्थिति कैसी है. क्या वह व्यक्ति लोन की राशि और EMI समय पर चुका सकता है या नहीं. बिना पढ़े किसी भी दस्तावेज पर साइन ना करें. अपनी आय और जिम्मेदारियां देखते हुए ही फैसला करें और सबसे खास बात ये है बहुत बड़े अमाउंट का लोन लेने पर गारंटी ना दें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/difference-between-metro-card-and-ncmc-card-know-which-one-is-better-to-use-3129497&quot;&gt;Metro Card Vs NCMC Card: मेट्रो और एनसीएमसी कार्ड, क्या है इन दोनों में अंतर? दिल्ली वालों के लिए कौन- सा कार्ड ज्यादा बेहतर?&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/14/2774fd91ab4099c9633a35671390a25917786985007881346_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Business Ideas: हाउस वाइफ से बनना चाहती हैं बिजनेस वुमन? घर बैठे कर सकती हैं ये 5 काम, ना लगेंगे ज्यादा पैसे ना मेहनत]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/small-business-ideas-for-women-in-low-budget-boutique-jewellery-making-cooking-3129500</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/small-business-ideas-for-women-in-low-budget-boutique-jewellery-making-cooking-3129500#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 23:22:46 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/small-business-ideas-for-women-in-low-budget-boutique-jewellery-making-cooking-3129500</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Business Ideas for Women:&lt;/strong&gt; महिलाओं का आत्मनिर्भर होना आज के समय में बहुत जरूरी है. नौकरी पेशा महिलाएं अपनी नौकरी से एक समय के बाद परेशान हो ही जाती हैं. घर और नौकरी के बीच बैलेंस बनाना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है. ऐसे में हर महिला इस समय चाहती है कि वो कोई बिजनेस शुरू करे. ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं 5 स्मॉल बिजनेस आईडियाज, जो कम समय में और कम लागत से शुरू हो जाएंगे. इन्हें घर पर ही रहकर भी किया जा सकता है. यहां देखें इन बिजनेस आइडियाज की लिस्ट.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मोमबत्ती या अगरबत्ती बनाना&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ये बहुत अच्छा कारोबार है जिसे घर पर ही किया जा सकता है. मोमबत्ती और अगरबत्ती की मांग पूरे साल रहती है, खासकर त्योहारों और पूजा-पाठ में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड होती है. ये बिजनेस घर से भी शुरू किया जा सकता है और इसमें ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं होती है. अगरबत्ती में खुशबू और पैकिंग अच्छी हो तो बाजार में जल्दी ग्राहक मिल जाते हैं. ऑनलाइन और लोकल दुकानों दोनों जगहों पर इसकी बिक्री की जा सकती है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको मिनिमम 5 हजार रुपये की जरूरत होगी. ज्यादा से ज्याद ये 20 हजार तक में ही हो जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/difference-between-metro-card-and-ncmc-card-know-which-one-is-better-to-use-3129497&quot;&gt;Metro Card Vs NCMC Card: मेट्रो और एनसीएमसी कार्ड, क्या है इन दोनों में अंतर? दिल्ली वालों के लिए कौन- सा कार्ड ज्यादा बेहतर?&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रीमिक्स, पापड़, अचार और मसाले बनाना&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;घर के बने पापड़, अचार और मसालों के साथ ही साथ आजकल प्रीमिक्स की भी बहुत अच्छी डिमांड रहने लगी है. महिलाएं इस काम को घर से शुरू करके धीरे-धीरे बड़ा बिजनेस बना सकती हैं. अच्छी क्वालिटी और स्वाद होने पर ग्राहक जल्दी जुड़ जाते हैं. व्हॉट्सएप, इंस्टाग्राम और लोकल मार्केट में इसे आसानी से बेचा जा सकता है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए महज 10 हजार रुपये की जरूरत होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;पेपर बैग या इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स का बिजनेस&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;प्लास्टिक बैन के बाद पेपर बैग और इको-फ्रेंडली सामान की मांग लोगों के बीच तेजी से बढ़ी है. इस बिजनेस में पेपर बैग, कपड़े के बैग और बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं. छोटी दुकानों, मेडिकल स्टोर और गिफ्ट शॉप्स में इसकी अच्छी सप्लाई हो सकती है. ये पर्यावरण के लिए भी अच्छा और लंबे समय तक चलने वाला बिजनेस है. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कवल 15 हजार रुपये की ही जरूरत होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/fd-know-how-can-you-get-fd-money-without-a-nominee-or-a-will-complete-legal-process-for-claim-3129386&quot;&gt;FD Claim: बिना नॉमिनी या वसीयत के कैसे मिलेगा FD का पैसा? जानें बैंक से क्लेम करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिलाई और अल्टरशन सेंटर&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;आप सिलाई और कपड़ों की फिटिंग का काम भी शुरू कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए इसमें दिलचस्पी और काम आना चाहिए. अगर आपको सिलाई आती है, तो घर से ही इस बिजनेस की शुरुआत की जा सकती है. स्कूल यूनिफॉर्म, ब्लाउज, सूट और अल्टरेशन में अच्छी कमाई होती है. धीरे-धीरे बुटीक या डिजाइनिंग का काम भी शुरू किया जा सकता है. इस काम को शुरू करने के लिए महज 8 हजार रुपये की ही जरूरत है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्वेलरी मेकिंग बिजनेस&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;हैंडमेड और फैशन ज्वेलरी का ट्रेंड तेजी से लोगों के बीच बढ़ रहा है. कम लागत में सुंदर ईयररिंग, नेकलेस और ब्रेसलेट बनाकर बेचे जा सकते हैं. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी अच्छी बिक्री होती है. यूनिक डिजाइन होने पर ये बिजनेस जल्दी लोकप्रिय हो सकता है. इस बिजनेस की शुरुआत महज 5 हजार रुपये से भी की जा सकती है.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/13/2e2f9a6b03c9c20261de5a7c137f6d7017786935517271346_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Metro Card Vs NCMC Card: मेट्रो और एनसीएमसी कार्ड, क्या है इन दोनों में अंतर? दिल्ली वालों के लिए कौन- सा कार्ड ज्यादा बेहतर?]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/difference-between-metro-card-and-ncmc-card-know-which-one-is-better-to-use-3129497</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/difference-between-metro-card-and-ncmc-card-know-which-one-is-better-to-use-3129497#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 23:11:15 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ सृष्टि ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/difference-between-metro-card-and-ncmc-card-know-which-one-is-better-to-use-3129497</guid><description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;Metro Card Vs NCMC Card:&lt;/strong&gt; दिल्ली में रोज लाखों लोग मेट्रो से सफर करते हैं. ऑफिस जाना हो, कॉलेज या फिर बाजार, दिल्ली मेट्रो लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. ऐसे में ज्यादातर यात्रियों के पास मेट्रो कार्ड होता है, लेकिन अब धीरे-धीरे एनसीएमसी कार्ड का इस्तेमाल भी बढ़ रहा है. कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर दोनों में फर्क क्या है और दिल्ली वालों के लिए कौन-सा कार्ड ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. जो अभी नए- नए शहर में आए हैं उनके मन में सीधा सवाल ये है कि कौन- सा कार्ड बनवाना सही है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या होता है मेट्रो कार्ड?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मेट्रो कार्ड को खासतौर पर दिल्ली मेट्रो में यात्रा करने के लिए बनाया गया है. इसमें पैसे रिचार्ज कराए जाते हैं और सफर के दौरान एंट्री-एग्जिट पर टैप करके किराया कट जाता है. इस कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे टोकन लेने की लाइन से छुटकारा मिल जाता है. साथ ही किराए में भी थोड़ा डिस्काउंट मिल जाता है. हालांकि, इसकी एक सीमा भी है. यह कार्ड मुख्य रूप से सिर्फ मेट्रो यात्रा तक ही सीमित रहता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/fd-know-how-can-you-get-fd-money-without-a-nominee-or-a-will-complete-legal-process-for-claim-3129386&quot;&gt;यह भी पढ़ें- FD Claim: बिना नॉमिनी या वसीयत के कैसे मिलेगा FD का पैसा? जानें बैंक से क्लेम करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या है एनसीएमसी कार्ड?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;एनसीएमसी कार्ड (NCMC Card) यानी National Common Mobility Card. इसे वन नेशन, वन कार्ड के कॉन्सेप्ट पर शुरू किया गया है. इसका मतलब है कि एक ही कार्ड को कई जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. दिल्ली मेट्रो के अलावा NCMC कार्ड से बस, पार्किंग, टोल टैक्स और कई जगहों पर पेमेंट भी किया जा सकता है. कुछ बैंक इस कार्ड को डेबिट कार्ड के रूप में भी जारी करते हैं. यानी यह सिर्फ ट्रैवल कार्ड नहीं, बल्कि एक मल्टी-यूज कार्ड की तरह काम करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दोनों कार्ड में सबसे बड़ा फर्क&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;मेट्रो कार्ड केवल मेट्रो यात्रा के लिए ज्यादा उपयोगी है, जबकि NCMC Card को कई सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर कोई व्यक्ति रोज सिर्फ मेट्रो से सफर करता है और उसे बाकी सुविधाओं की जरूरत नहीं है, तो मेट्रो कार्ड उसके लिए आसान विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर कोई ऐसा कार्ड चाहता है जिससे ट्रांसपोर्ट और पेमेंट दोनों काम हो जाएं, तो NCMC ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/state-wise-dearness-allowance-percentage-ranking-list-which-state-pays-the-highest-da-and-who-pays-the-lowest-3129439&quot;&gt;यह भी पढ़ें- भारत में किस राज्य के कर्मचारियों को मिलता है सबसे ज्यादा DA और कहां सबसे कम? जानिए पूरा गणित&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दिल्ली वालों के लिए कौन सा है बेस्ट?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;दिल्ली जैसे शहर में जहां लोग अलग-अलग ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, वहां NCMC Card भविष्य को ध्यान में रखकर बेहतर विकल्प माना जा रहा है. सरकार भी धीरे-धीरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट को एक ही कार्ड से जोड़ने की कोशिश कर रही है. आने वाले समय में इसका इस्तेमाल और बढ़ सकता है. हालांकि, अभी भी कई लोग पुराने मेट्रो कार्ड को ही बेस्ट मानते हैं क्योंकि उन्हें वही यूज करने की आदत हो गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या NCMC पूरी तरह Metro Card की जगह ले लेगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी. अभी मेट्रो कार्ड का इस्तेमाल सबसे ज्यादा होता है. लेकिन डिजिटल पेमेंट और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम बढ़ने के साथ NCMC का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. हो सकता है कि आने वाले साल में यही कार्ड लोगों की पहली पसंद बन जाए. अगर आपका काम सिर्फ मेट्रो यात्रा तक सीमित है, तो मेट्रो कार्ड भी अच्छा ऑप्शन है. लेकिन अगर आप एक ऐसा कार्ड चाहते हैं जिससे ट्रैवल के साथ-साथ दूसरी पेमेंट भी हो सके, तो NCMC कार्ड ज्यादा स्मार्ट और भविष्य के हिसाब से बेहतर माना जा सकता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/13/23397087dffe07d66813d64744b12b0817786940568491435_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[भारत में किस राज्य के कर्मचारियों को मिलता है सबसे ज्यादा DA और कहां सबसे कम? जानिए पूरा गणित]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/state-wise-dearness-allowance-percentage-ranking-list-which-state-pays-the-highest-da-and-who-pays-the-lowest-3129439</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/state-wise-dearness-allowance-percentage-ranking-list-which-state-pays-the-highest-da-and-who-pays-the-lowest-3129439#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 20:32:43 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ सृष्टि ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/state-wise-dearness-allowance-percentage-ranking-list-which-state-pays-the-highest-da-and-who-pays-the-lowest-3129439</guid><description><![CDATA[&lt;p&gt;&lt;strong&gt;State Wise DA Percentage:&lt;/strong&gt; महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका असर सबसे ज्यादा आम लोगों की जेब पर पड़ता है. यही वजह है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए Dearness Allowance यानी DA काफी अहम माना जाता है. DA का मतलब महंगाई भत्ता होता है, जो कर्मचारियों की सैलरी में महंगाई के असर को कम करने के लिए दिया जाता है. केंद्र सरकार समय-समय पर DA बढ़ाती है और उसके बाद कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बदलाव करती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के सभी राज्यों में DA एक जैसा नहीं होता. कुछ राज्य अपने कर्मचारियों को ज्यादा DA देते हैं, जबकि कुछ राज्यों में यह कम है. आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;DA आखिर तय कैसे होता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;महंगाई भत्ता कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के आधार पर तय किया जाता है. केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार DA बढ़ाती है. इसके बाद अलग-अलग राज्य अपनी आर्थिक स्थिति और बजट के हिसाब से फैसला लेते हैं. इसी वजह से राज्यों में DA की दर अलग-अलग देखने को मिलती है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/indian-railways-revamped-passenger-reservation-provision-of-lower-berth-for-sick-person-senior-citizens-pregnant-women-3129413&quot;&gt;यह भी पढ़ें- Train News: बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए नियम अलग, जानें रेलवे की स्पेशल &amp;lsquo;स्लीपिंग&amp;rsquo; छूट&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;सबसे ज्यादा DA देने वाले राज्य&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;फिलहाल कई राज्य केंद्र सरकार के बराबर या उसके आसपास DA दे रहे हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं, जहां सरकारी कर्मचारियों को अच्छा महंगाई भत्ता मिल रहा है. कुछ राज्यों ने हाल के महीनों में DA बढ़ाकर अपने कर्मचारियों को राहत देने की कोशिश की है. खासतौर पर चुनावी माहौल वाले राज्यों में DA बढ़ोतरी को लेकर तेजी देखने को मिलती है. जानकारों के मुताबिक जिन राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, वहां कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल पाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;किन राज्यों में DA कम है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां आर्थिक दबाव और बजट की सीमाओं की वजह से DA बढ़ोतरी धीमी रहती है. पंजाब, केरल और कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में कई बार केंद्र के मुकाबले कम DA देखने को मिलता है. हालांकि, ये स्थिति समय-समय पर बदलती रहती है क्योंकि राज्य सरकारें अपने हिसाब से फैसले लेती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/quit-your-job-before-completing-5-years-eligible-for-gratuity-legal-rule-news-update-3126349&quot;&gt;यह भी पढ़ें- 5 साल से पहले छोड़ दी नौकरी? तब भी मिल सकती है ग्रेच्युटी! जानें क्या कहता है कानून का नया नियम&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;कर्मचारियों के लिए DA जरूरी क्यों है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का बड़ा हिस्सा DA से जुड़ा होता है. महंगाई बढ़ने पर अगर DA नहीं बढ़े तो रोजमर्रा के खर्च संभालना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि हर बार जब केंद्र सरकार DA बढ़ाती है, तो राज्य कर्मचारियों को भी अपने राज्य सरकार के फैसले का इंतजार रहता है. DA बढ़ने का असर सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स पर भी पड़ता है. कई राज्यों में पेंशन पाने वालों को भी महंगाई राहत दी जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;क्या आगे फिर बढ़ सकता है DA?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;देश के अलग-अलग राज्यों में DA की दर अलग हो सकती है, लेकिन इसका मकसद कर्मचारियों को महंगाई से राहत देना ही होता है. जिन राज्यों की आर्थिक स्थिति मजबूत है, वहां कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलता है, जबकि कुछ राज्यों में बजट दबाव की वजह से DA कम रहता है. महंगाई के मौजूदा स्तर को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले समय में फिर DA बढ़ोतरी हो सकती है. अगर ऐसा होता है तो लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा. हालांकि, अंतिम फैसला सरकारों की आर्थिक स्थिति और कैबिनेट मंजूरी पर निर्भर करेगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/13/46661cdaa0d2aa28e2d29624c946834917786844957941435_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[FD Claim: बिना नॉमिनी या वसीयत के कैसे मिलेगा FD का पैसा? जानें बैंक से क्लेम करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/fd-know-how-can-you-get-fd-money-without-a-nominee-or-a-will-complete-legal-process-for-claim-3129386</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/fd-know-how-can-you-get-fd-money-without-a-nominee-or-a-will-complete-legal-process-for-claim-3129386#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 20:32:39 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/fd-know-how-can-you-get-fd-money-without-a-nominee-or-a-will-complete-legal-process-for-claim-3129386</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;FD Claim:&lt;/strong&gt; FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट में एक मुश्त रकम को व्यक्ति अपने भविष्य को सुरक्षि रखता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यदि आपकी मृत्यु हो गई या आपके घर में किसी व्यक्ति की मौत हो गई तो उसकी FD को कैसे क्लेम करेंगे?&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि इसके लिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए और उसकी FD में नॉमिनी या वसीयत न हो, तब भी परिवार वाले या कानूनी वारिस बैंक से पैसा क्लेम कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैंक को दें सूचना&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इसके लिए सबसे पहले आपको बैंक को मृत्यु की सूचना देना होगी. इसके साथ परिवार को संबंधित शाखा में जाकर डेथ सर्टिफिटकेट की कॉपी, एफडी की रसीद या नंबर, मृतक की KYC की जानकारी जमा करना होगी. इसके बाद &amp;nbsp;बैंक FD को डिसीज्ड क्लेम के रूप में प्रोसेस करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कानूनी वारिस साबित करना होंगे&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;जब नॉमिनी नहीं होता, तब बैंक ये देखता है कि असली कानूनी वारिस कौन हैं. इसके लिए आमतौर पर वारिस प्रमाण पत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड जमा करना होगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैंक राशि के अनुसार बदलेगी प्रक्रिया&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;बैंक राशि के अनुसार इसकी प्रक्रिया बदलती है, जैसे 5 या 10 लाख रुपये तक की छोटी राशि होगी तो कई बैंक इनडेम्निटी बॉन्ड, एफिडेविट, सभी वारिसों की NOC लेकर भुगतान कर दिया जाएगा. लेकिन यदि इससे बड़ी राशि होगी तो बैंक कोर्ट से जारी सक्सेशन सर्टिफिकेट मांगता है. ये जिला अदालत से मिलता है और इसमें समय लग सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगर कई वारिस हों तो?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अगर FD को क्लेम करने वाले कई वारिस होंगे तो, सभी वारिसों की सहमति जरूरी होती है. एक व्यक्ति को क्लेमेंट बनाया जा सकता है, बाकी वारिस NOC देते हैं. यदि विवाद हो जाए, तो मामला कोर्ट तक जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;FD का ब्याज मिलता रहेगा?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;जिस व्यक्ति के नाम पर FD हो यदि वो ही ना रहे तब भी बैंक भुगतान करता रहेगा. जब तक बैंक भुगतान नहीं करता, FD पर लागू नियमों के अनुसार ब्याज मिलता रहता है. हालांकि मैच्योरिटी के बाद ब्याज दर बदल सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अगर आपको भी ऐसा ही कोई क्लेम करना है तो उसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी. जैसे:&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डेथ सर्टिफिकेट&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एफडी रिसिप्ट&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आधार या पैन कार्ड&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एड्रेस प्रूफ&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पासपोर्ट साइज फोटो&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कानूनी वारिस होने का सर्टिफिकेट&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सक्सेशन सर्टिफिकेट&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एफिडेविट&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बता दें कि नॉमिनी न होने पर परिवार को ज्यादा दस्तावेज़, कानूनी प्रमाण और कभी-कभी कोर्ट प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है. इसलिए FD बनाते समय नॉमिनी जोड़ना और वसीयत बनाना भविष्य में विवाद और देरी से बचाता है. आपको ये भी बता दें कि अलग- अलग बैंकों के नियम भी थोड़ा अलग- अलग होते हैं, ऐसे में संबंधित शाखा में जाकर सारी जानकारी लें और उसके बाद ही प्रोसेस शुरू करें.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/13/b708c5ec9fbc6c426572998de685d78b17786782687161346_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Retirement Plan: रिटायरमेंट के लिए 5 करोड़ या 1 करोड़, कितना काफी? 45 की उम्र में काम छोड़ने वाले शख्स ने बताया फॉर्मूला]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/50-and-10-million-how-much-is-enough-for-retirement-man-quit-his-job-at-45-reveals-formula-3129382</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/50-and-10-million-how-much-is-enough-for-retirement-man-quit-his-job-at-45-reveals-formula-3129382#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 20:23:14 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/50-and-10-million-how-much-is-enough-for-retirement-man-quit-his-job-at-45-reveals-formula-3129382</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Retirement Planning: &lt;/strong&gt;रिटायरमेंट का नाम सुनते ही हमारे मन में 5 या फिर 10 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम का ख्याल आ ही जाता है. लेकिन FIRE यानी Financial Independence, Retire Early का असली मंत्र &amp;nbsp;सिर्फ और सिर्फ बड़ी रकम को जुटाना नहीं है बल्कि अपनी जरूरतों पर भी खास तरह से ध्यान देना है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अमित चिल्का नाम के लेखक अमित चिल्का ने केवल 45 साल की आयु में केवल 1 करोड़ और एक फ्लैट के साथ रिटायरमेंट लेकर इस मिथ को पूरी तरह से खत्म कर दिया है.&amp;nbsp; अमित चिल्का ने अपने रिटायरमेंट का फॉर्मूला लिंकडिन पर शेयर किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;साधन बनाम लाइफस्टाइल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्यादातर लोग अपनी मौजूदा महंगी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए करोड़ों कमाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. इतना ही नहीं, वह EMI और लालच देने वाली संपत्तियों के जाल में इतनी बूरी तरह से फंस जाते हैं कि उन्हें आजादी की बजाय कॉर्पोरेट जीवन का कैदी बनाया दिया जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तो वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में लेखक अमित चिल्का ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें जीवन में असली आजादी तब मिली जब उन्होंने पुणे जैसे बड़े शहर को छोड़कर उत्तराखंड के देहारदून की तरफ जाने का बेहद ही महत्वूर्ण फैसला लिया. जहां, उन्होंने यह नोटिस किया उनके खर्चे पुणे के मुताबिक देहरादून में बेहद ही कम है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/tax-saving-tips-know-how-can-a-salaried-person-save-his-tax-3128880#google_vignette&quot;&gt;Tax Saving Tips: नौकरी में रहते हुए Tax भरना पड़ रहा है महंगा? इन टिप्स को फॉलो कर बचाएं अपनी कमाई&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अमित चिल्का ने किस तरह से बनाई अपनी रणनीति?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दरअसल, उन्होंने सबसे पहले 1 करोड़ रुपये का (Mutual Funds, PPF, NPS) में निवेश किया. जिसको उन्होंने एक बार भी हाथ नहीं लगाया जाकी वह और भी ज्यादा तेजी से आगे बढ़ते रहे. तो वही, दूसरी तरफ पुणे के फैल्ट से मिलने वाला किराए को वह वापस निवेश कर देते हैं. हांलाकि, रिटायरमेंट के बाद धीरे-धीरे शुरू की गई फ्रीलांसिंग और कंसल्टिंग के बाद से उनके दैनिक खर्च निकलने शुरू हो गए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/know-more-about-home-loan-balance-transfer-and-five-important-rules-3126397&quot;&gt;Utility Latest News: होम लोन की EMI से परेशान, क्या बैलेंस ट्रांसफर से मिलेगा फायदा? फैसला लेने से पहले पढ़ें ये 5 बातें&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या पैसा केवल है एक साधन?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह तो सभी जानते हैं कि पैसा हमारे जीवन में बस एक साधन की तरह है, यह हमारी मंजिल नहीं है. अगर आपकी मंजिल सादगी है तो आपको 10 करोड़ रुपये की जरूरत कभबी नहीं पड़ेगी. हांलाकि, सवाल यह नहीं उठता है कि आपको वर्तमान जीवन जीने के लिए कितना चाहिए, बल्कि यह है कि आप वास्तव में अपनी जिंदगी को किस तरह से जीना चाहते हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/04/25/f6a33b76f99124deeee8b18a19160f1217771197888981315_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Train Safety Tips: रात में अकेले ट्रेन में सफर करते हैं तो ध्यान दें, सोते वक्त ऐसे सुरक्षित रखें अपना फोन और सामान]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/train-safety-tips-keep-your-luggage-and-phone-safe-while-sleeping-during-a-solo-train-journey-3128149</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/train-safety-tips-keep-your-luggage-and-phone-safe-while-sleeping-during-a-solo-train-journey-3128149#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 19:45:51 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/train-safety-tips-keep-your-luggage-and-phone-safe-while-sleeping-during-a-solo-train-journey-3128149</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Train Safety Tips:&lt;/strong&gt; अगर आप भी अक्सर अकेले ट्रेन में सफर करते हैं तो आपको भी कई दिक्कतें होती होंगी, जैसे रात में सोते समय सामान और मोबाइल को लेकर डर बना रहता होगा कि कहीं अचानक आंख लग जाए और हमारा सामान या फिर मोबाइल चोरी न हो जाए. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स बताएंगे, जिससे आप बिना डर के ट्रेन में सफर कर सकेंगे. इसके लिए बस आपको कुछ आसान सावधानियां अपनानी होगी, जिससे आप अपने सफर को सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सामान की सुरक्षा कैसे करें जाने&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;चेन और ताले का इस्तेमाल करें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सबसे पहले आप अपने बैग को लोअर बर्थ के नीचे लगे हुक से मेटल चेन और ताले की मदद से बांध लें. इससे आपका सामान चोरी होने से बच सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/need-a-confirmed-lower-birth-on-a-train-these-five-magic-tricks-makes-your-journey-more-easy-3127727&quot;&gt;Train Latest News: ट्रेन में चाहिए कंफर्म लोअर बर्थ? टिकट बुकिंग के समय अपनाएं ये 5 जादुई ट्रिक्स, सफर होगा आसान&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस सीट को चुनकर सामान को चोरी से बचाएं&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आप अकेले सफर कर रहे हैं तो हमेशा अपर बर्थ आपके लिए ज्यादा सेफ ऑप्शन होगा.क्योंकि वहां तक पहुंचना आसान नहीं होता है, इसलिए चोरी का खतरा कम रहता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बैग को हमेशा रखें पास&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आपके जिस बैग में जरूरी सामान हो, जैसे पर्स, मोबाइल, पैसे तो उसे सिर के नीचे तकिए की तरह रखें या फिर आप उसे बिल्कुल पास रखें, ताकि आपका सामान सुरक्षित बना रहें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;हार्ड लगेस का करें इस्तेमाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अपने पास हमेशा कपड़े वाले बैग की जगह हार्ड-शेल सूटकेस रखें. क्योंकि इन्हें काटना या फिर खोलना आसान नहीं होता है. इसकी वजह से आपका सामान सेफ रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/now-bengaluru-and-mumbai-railway-journey-will-become-superfast-new-train-to-be-launch-in-june-2026-3127741&quot;&gt;Train News: बेंगलुरु-मुंबई का सफर होगा सुपरफास्ट! जून में शुरू होगी नई रेल, वंदे भारत स्लीपर का रास्ता भी साफ&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;फोन और कीमती सामान का रखें ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;एंटी-थेफ्ट बैग रखें-&lt;/strong&gt; फोन, वॉलेट और टिकट को छोटे और सुरक्षित बैग में रखें, जो आपके पास रहे.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;खिड़की के पास न रखें फोन-&lt;/strong&gt; हमेशा फोन को खिड़की के पास न रखें. कई बार बाहर से झपट्टा मारकर फोन चोरी कर लिया जाता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;&lt;strong&gt;फोन चार्जिंग पर लगाकर न सोएं-&lt;/strong&gt; अगर आपको फोन चार्ज पर लगाना जरूरी है तो चार्जर और फोन दोनों को अपने पास रखें.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सफर के दौरान ये सावधानियां भी है जरूरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;अनजान आदमी से दूर रहे.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;खाना, चाय या फिर बिस्किट अनजान लोगों से न लें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;इसमें नशीले पदार्थ हो सकते हैं, जिसके चलते लूटपाट जैसी घटना हो जाती है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;किसी भी प्रकार की परेशानी के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;139 या 182 RPF हेल्पलाइन नंबर है.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/lG_wcwjT6O8?si=yZQa6kv2Gk3M_coU&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/11/30d4c96789ea97a040c347e42fb5218a17785046342681216_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Train News: बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए नियम अलग, जानें रेलवे की स्पेशल ‘स्लीपिंग’ छूट]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/indian-railways-revamped-passenger-reservation-provision-of-lower-berth-for-sick-person-senior-citizens-pregnant-women-3129413</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/indian-railways-revamped-passenger-reservation-provision-of-lower-berth-for-sick-person-senior-citizens-pregnant-women-3129413#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 18:58:34 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ सृष्टि ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/indian-railways-revamped-passenger-reservation-provision-of-lower-berth-for-sick-person-senior-citizens-pregnant-women-3129413</guid><description><![CDATA[&lt;p&gt;भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं. लंबी दूरी की यात्रा में सबसे बड़ी जरूरत आराम की होती है, खासकर बुजुर्गों, बीमार यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ खास नियम बनाए हैं, जिनके तहत ऐसे यात्रियों को यात्रा के दौरान विशेष सुविधा और राहत दी जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;बहुत कम लोगों को पता होता है कि रेलवे में रात के समय सोने और सीट इस्तेमाल करने को लेकर भी नियम तय हैं. कई बार लोग नियमों की जानकारी न होने की वजह से परेशानी का सामना करते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/worried-about-your-electricit-bill-this-summer-learn-these-5-hacks-to-reduce-bill-money-3128832&quot;&gt;यह भी पढ़ें-गर्मी में बिजली के बिल से हैं परेशान? जानिए इसे कम करने के 5 हैक्स, पैसों की होगी बचत&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;रात में सोने का रेलवे नियम क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;रेलवे के नियमों के मुताबिक स्लीपर और एसी कोच में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक स्लीपिंग टाइम माना जाता है. इस दौरान मिडिल बर्थ खोली जा सकती है और यात्री आराम कर सकते हैं. सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को नीचे करना जरूरी होता है ताकि नीचे बैठने वाले यात्रियों को दिक्कत न हो. हालांकि, रेलवे ने कुछ यात्रियों के लिए इस नियम में राहत भी दी है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;किन लोगों को मिलती है खास छूट?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;रेलवे के अनुसार बुजुर्ग, दिव्यांग, गंभीर रूप से बीमार यात्री और गर्भवती महिलाओं को जरूरत पड़ने पर दिन में भी लोअर बर्थ पर आराम करने की अनुमति दी जा सकती है. यानी अगर किसी यात्री की तबीयत ठीक नहीं है या उसे मेडिकल जरूरत है, तो दूसरे यात्रियों को सहयोग करने की सलाह दी जाती है. रेलवे स्टाफ और टीटीई भी ऐसे मामलों में मदद कर सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/quit-your-job-before-completing-5-years-eligible-for-gratuity-legal-rule-news-update-3126349&quot;&gt;यह भी पढ़ें- 5 साल से पहले छोड़ दी नौकरी? तब भी मिल सकती है ग्रेच्युटी! जानें क्या कहता है कानून का नया नियम&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;लोअर बर्थ को लेकर भी हैं खास नियम-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;रेलवे टिकट बुकिंग के दौरान वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं को लोअर बर्थ देने की प्राथमिकता दी जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li&gt;60 साल या उससे अधिक उम्र के पुरुष&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;45 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाएं&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;गर्भवती महिलाएं&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;इन यात्रियों को उपलब्धता के आधार पर लोअर बर्थ देने की कोशिश की जाती है. हालांकि टिकट कन्फर्मेशन और सीट उपलब्धता पर यह निर्भर करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;दूसरे यात्रियों को क्या ध्यान रखना चाहिए?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ट्रेन में सफर के दौरान कई बार सीट और बर्थ को लेकर विवाद देखने को मिलते हैं. लेकिन रेलवे का कहना है कि जरूरतमंद यात्रियों के साथ सहयोग करना चाहिए. अगर कोई बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति आराम करना चाहता है, तो यात्रियों को मानवीय व्यवहार दिखाना चाहिए. खासकर लंबी दूरी की यात्रा में छोटी-छोटी बातें भी किसी के सफर को आसान बना सकती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;strong&gt;अगर परेशानी हो तो शिकायत कहां करें?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;अगर किसी यात्री को सीट या बर्थ को लेकर परेशानी हो रही है, तो वह तुरंत टीटीई या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत कर सकता है. इसके अलावा RailMadad ऐप के जरिए भी मदद मांगी जा सकती है. रेलवे अब यात्रियों की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करने का दावा करता है. रेलवे के ये नियम सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों की जरूरत और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. बुजुर्गों, बीमार यात्रियों और गर्भवती महिलाओं को यात्रा के दौरान आराम मिले, इसके लिए रेलवे विशेष छूट और प्राथमिकता देता है. ऐसे में जरूरी है कि यात्रियों को भी इन नियमों की जानकारी हो.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/13/7ecaff161c94ba4d9a3609e768e64cce17786785748651435_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[5 साल से पहले छोड़ दी नौकरी? तब भी मिल सकती है ग्रेच्युटी! जानें क्या कहता है कानून का नया नियम]]></title><link>https://www.abplive.com/utility-news/quit-your-job-before-completing-5-years-eligible-for-gratuity-legal-rule-news-update-3126349</link><comments>https://www.abplive.com/utility-news/quit-your-job-before-completing-5-years-eligible-for-gratuity-legal-rule-news-update-3126349#respond</comments><pubDate>Wed, 13 May 2026 18:24:33 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी यूटिलिटी डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ यूटिलिटी ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/utility-news/quit-your-job-before-completing-5-years-eligible-for-gratuity-legal-rule-news-update-3126349</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Gratuity Rule Update:&lt;/strong&gt; ग्रैच्युटी को आमतौर पर नौकरी में लंबे टाइम तक काम करने के बाद मिलने वाला एक बड़ा आर्थिक फायदा माना जाता है. काफी लोगों को लगता है कि इसके लिए किसी कंपनी में कम से कम 5 साल तक लगातार काम करना जरूरी होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कुछ खास परिस्थितियों में 5 साल पूरे होने से पहले भी ग्रेच्युटी मिल सकती है. ऐसे में अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं या फिर ग्रेच्युटी के नियमों को समझना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या है ग्रेच्युटी का नियम?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रेच्युटी पाने के लिए आमतौर पर कर्मचारी को किसी कंपनी में कम से कम 5 साल लगातार काम करना जरूरी होता है. लेकिन यह नियम उन कंपनी पर लागू होता है जहां 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. ग्रेच्युटी की रकम कर्मचारी की सैलरी और नौकरी की अवधि के आधार पर तय की जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके तहत हर पूरे साल की सेवा पर 15 दिन की सैलरी के बराबर राशि दी जाती है. जरूरी बात यह है कि लगातार सेवा में केवल ऑफिस में काम किए गए दिन ही नहीं, बल्कि Paid Leave, Maternity Leave और बीमारी या फिर हड़ताल की वजह से हुए ब्रेक शामिल किए जाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें - &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/lok-adalat-to-be-held-in-delhi-relief-available-on-pending-traffic-challans-3125535&quot;&gt;दिल्ली में लगेगी लोक अदालत, पेंडिंग ट्रैफिक चालानों पर मिलेगी राहत, जानिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;किन मामलों में 5 साल से पहले मिल सकती है ग्रेच्युटी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मौत हो जाती है या फिर वह किसी दुर्घटना या बीमारी की वजह से विकलांग हो जाता है तो 5 साल की शर्त लागू नहीं होती है. ऐसी स्थिति में कर्मचारी के नॉमिनी या फिर कानून वारिस को ग्रेच्युटी दी जाती है. भुगतान के पैसे कर्मचारी के पूरी की गई सेवा अवधि के हिसाब से तय होती है, भले ही उसने 5 साल पूरे न किए हो.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;4 साल 240 दिन वाला नियम क्या है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर बात करें इस नियम की तो कई मामलों में अदालतों ने यह माना है कि अगर किसी कर्मचारी ने 4 साल और 240 दिन तक काम किया है तो उसे 5 साल की सेवा के बराबर माना जा सकता है. यह नियम खासतौर पर उन कंपनी पर लागू माना गया है जहां हफ्ते में 6 दिन काम होता है. हालांकि यह कोई तय कानूनी नियम नहीं है, बल्कि अलग-अलग मामलों और कंपनी के वर्क शेड्यूल पर निर्भर करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इस्तीफा देने से पहले इन बातों का रखें ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जरूरी बात अगर आप 5 साल पूरे होने से कुछ टाइम पहले ही नौकरी छोड़ने की सोच रहे हैं तो पहले अपनी कंपनी की ग्रेच्युटी पॉलिसी जरूर जांच लें. कुछ कंपनियां कर्मचारी हित में 4 साल 240 दिन पूरे होने पर भी ग्रेच्युटी दे देती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;इसके अलावा इन चीजों का रिकॉर्ड संभालकर रखें जैसे...&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;आपने नौकरी कब जॉइन की थी उसकी तारीख.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;साथ ही छुट्टियों को रिकॉर्ड&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;काम किए गए दिनों की भी जानकारी&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें - &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/utility-news/indian-railway-30-train-to-be-shifted-from-new-delhi-railway-station-to-other-station-including-shatabdi-trains-3125724&quot;&gt;Train Timings: 30 ट्रेनों के बदल गए हैं स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने से पहले पढ़ लें ये खबर&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगर कंपनी ग्रेच्युटी देने से इनकार कर दे तो क्या करें?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;ul&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं और फिर भी कंपनी भुगतान नहीं करती तो आप लेबर कमिश्नर के पास शिकायत कर सकते हैं.&lt;/li&gt;
&lt;li style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत बिना वजह ग्रेच्युटी रोकने या देरी करने पर कंपनी पर कार्रवाई औ जुर्माना लगाया जा सकता है.&amp;nbsp;&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/z4C6Mf5G0gA?si=A852wnIFZm-mjo3Z&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/05/07/116baf063fd646ba82a253e6cae186d817781323237241216_original.png" width="220"/></item></channel></rss>