Personal Finance Tips: अगर आप भी अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा बचत के तौर पर सुरक्षित जगह निवेश करना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) दोनों ही बेस्ट ऑप्शन माने जाते हैं. दोनों में तय ब्याज और सुरक्षित रिटर्न मिलता है, लेकिन निवेश का तरीका अलग होता है. ऐसे में ज्यादातर लोग यह समझ नहीं पाते कि उनके लिए कौन-सी स्कीम ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

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दरअसल, सही ऑप्शन इस बात पर डिपेंड करता है कि आपके पास एक एकमुश्त रकम है या आप हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करना चाहते हैं. आइए जानते हैं FD या RD में कौन फाइनेंशियल टारगेट के लिए बेस्ट ऑप्शन हैं.

RD किसके लिए है बेहतर?

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अगर आप हर महीने नियमित रूप से एक तय रकम जमा करना चाहते हैं, तो रिकरिंग डिपॉजिट (RD) आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा. इस स्कीम में आपको तय रकम हर महीने जमा करनी होती है और मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ ब्याज मिलता है. इसकी अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 10 साल तक की होती है. यानी अगर आप 3 साल तक हर महीने 5,000 जमा करते हैं और ब्याज दर 6.5% हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 1.99 लाख मिल सकते हैं.

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FD कब चुनना चाहिए?

अगर आपके पास एकमुश्त बड़ी रकम मौजूद है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकती है. इसमें एक बार पैसा जमा करने के बाद तय अवधि तक उस पर निश्चित ब्याज मिलता है. FD की अवधि 7 दिन से लेकर 10 साल तक हो सकती है और कई बैंक सीनियर सिटीजन को एक्स्ट्रा ब्याज भी देते हैं.  यानी अगर आप 2 लाख को 3 साल के लिए 7% ब्याज पर FD में निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 2.46 लाख मिल सकते हैं.

कौन-सी स्कीम चुनें?

अगर आपकी सैलरी हर महीने आती है और आप धीरे-धीरे बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं, तो RD आपके लिए बेहतर ऑप्शन हो सकती है. वहीं अगर आपके पास एकमुश्त रकम है और उस पर निश्चित रिटर्न चाहते हैं, तो FD ज्यादा फायदेमंद रहेगी.

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