Investment Tips: आज के समय में लोग सिर्फ बचत करके नहीं. बल्कि सही जगह पैसा लगाकर अपने फ्यूचर को मजबूत बनाना चाहते हैं. म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) ऐसे ऑप्शन हैं. जिनमें निवेश किया जा सकता है. लेकिन इनके बीच का फर्क समझना जरूरी है. 

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क्योंकि हर निवेशक की जरूरत और रिस्क लेने की कैपेसिटी अलग होती है. म्यूचुअल फंड में रिटर्न ज्यादा हो सकता है लेकिन रिस्क भी होता है. वहीं FD और RD सेफ होते हैं लेकिन मुनाफा लिमिटेड रहता है. इसलिए इन्वेस्टमेंट से पहले इनके फायदे और नुकसान समझना आपको बेहतर फैसला लेने में मदद करते है. जान लें काम की बात.

म्यूचुअल फंड कितना सही?

म्यूचुअल फंड में कई निवेशकों का पैसा इकट्ठा किया जाता है और इसे शेयर, बॉन्ड या दूसरे वित्तीय साधनों में लगाया जाता है. यह पेशेवर फंड मैनेजर द्वारा मैनेज किया जाता है. मसलन बात की जाए तो अगर आप हर महीने 2000 रुपये निवेश करते हैं. तो समय के साथ बाजार के प्रदर्शन के हिसाब से पैसा बढ़ सकता है. इसमें रिटर्न ज्यादा हो सकता है. लेकिन उतार-चढ़ाव का जोखिम भी होता है. लाॅन्ग टर्म के लिए निवेश करने वाले लोग म्यूचुअल फंड को बेहतर ऑप्शन मान सकते हैं. खासकर अगर उनका गोल ज्यादा कैपिटल गेन और ज्यादा मुनाफा है.

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FD और RD में क्या मिलता?

FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट में आप बैंक में एक तय राशि जमा करते हैं और तय समय पर निश्चित ब्याज पाते हैं. यानी कि अगर 1 लाख रुपये 5 साल के लिए FD में लगाने पर आप तय ब्याज के हिसाब से रिटर्न पाते हैं. RD यानी रिकरिंग डिपॉजिट उन लोगों के लिए है जो हर महीने थोड़ी राशि बचाना चाहते हैं. जैसे 1000 रुपये हर महीने RD में जमा करने पर समय पूरी होने पर ब्याज के साथ अच्छी रकम मिलती है. यह दोनों इन्वेस्टमेंट सेफ हैं और रिस्क भी काफी कम होता है.

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निवेश के लिए सही जगह कौनसी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक जो लोग लाॅन्ग टर्म में पैसा बढ़ाना चाहते हैं और रिस्क ले सकते हैं. उनके लिए म्यूचुअल फंड सही रहता है. वहीं सेफ इन्वेस्टमेंट और रेगुलर सेविंग के लिए FD और RD बेहतर होते हैं. इन्वेस्टमेंट करते समय सिर्फ मुनाफा नहीं. बल्कि जोखिम, समय और अपनी जरूरतें समझना जरूरी है. सही जानकारी और सलाह के साथ निवेश करने से आप भविष्य के लिए बेहतर बचत और फाइनेंशियल सेफ्टी सुनिश्चित कर सकते हैं.

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