NPS Health Insurance: अगर आप नेशनल पेंशन सिस्टम में इन्वेस्ट करते हैं तो ये खबर आपके लिए काम की है. अब आपकी पेंशन की बचत सिर्फ रिटायरमेंट के लिए ही नहीं है. बल्कि जरूरत पड़ने पर इलाज के खर्च में भी काम आएगी.

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पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने पिछले महीने NPS Swasthya का दूसरा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट शुरू किया है. इसका मकसद NPS सब्सक्राइबर्स को मेडिकल जरूरत के समय अपनी पेंशन सेविंग्स का इस्तेमाल करने की सर्विस को देना है. फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट किया जा रहा है.

NPS Swasthya में रिटायरमेंट सेविंग्स और हेल्थकेयर को एक साथ जोड़ा गया है. मतलब फ्यूचर के लिए बचत करने के साथ जरूरत पड़ने पर उसी फंड का एक हिस्सा इलाज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस योजना में शामिल होने के लिए हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी है. इसका प्रीमियम भी आपकी NPS सेविंग्स से ही कटेगा.

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कम से कम कितना निवेश करना होगा?

इस योजना का फायदा लेने के लिए कम से कम 25,000 का शुरुआती इंवेस्टमेंट करना होगा. इसके बाद सब्सक्राइबर अपनी नेट एलिजिबल बैलेंस का 25% तक मेडिकल जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं. इस रकम का इस्तेमाल दवाइयों, हॉस्पिटल मे एडमिट होने और दूसरे इलाज के खर्च में किया जा सकता है . ये सर्विस  MAven ऐप के जरिए भी मिलेगी.

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अगर किसी खतरनाक बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी में ज्यादा खर्च आता है, तो जरूरत के हिसाब से जमा फंड की पूरी रकम भी इलाज के लिए निकाली जा सकती है. इस योजना की एक खास बात ये है कि इलाज का पैसा डायरेक्ट  हॉस्पिटल या उससे जूरे हुए सर्विस प्रोवाइडर के अकाउंट में भेजा जाएगा. अगर बिल भरने के बाद कुछ रकम बचती है, तो वह वापस NPS अकाउंट  में जमा कर दी जाएगी.

कौन-कौन उठा सकता है योजना का फायदा?

18 से 85 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना का फायदा ले सकता है. लेकिन, योजना में शामिल होते समय हेल्थ डिक्लेरेशन देना जरूरी होगा. 29 मार्च 2026 तक NPS और इससे जुड़े सिस्टम में 9.64 करोड़ सब्सक्राइबर हैं और इनके तहत करीब 16.55 लाख करोड़ की दौलत को मैनेज किया जा रहा है . ज्यादा  मेडिकल खर्चों के बीच NPS Swasthya का मकसद  लोगों को रिटायरमेंट के साथ हेल्थ सिक्योरिटी भी देना है.

PFRDA का मानना है कि इस पहल से लोगों को रिटायरमेंट के लिए बचत करने के साथ जरूरत पड़ने पर मेडिकल खर्चों के लिए भी फाइनैन्शल मदद मिल सकती है. ज्यादा इलाज के खर्च को देखते हुए ये योजना सब्सक्राइबर्स के लिए एक एक्स्ट्रा सर्विस  के तौर पर काम कर सकती है.

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