अगर आप नौकरी करते हैं और आपका EPF अकाउंट है, तो ई-नॉमिनेशन की जानकारी अपडेट रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि कर्मचारी की मौत होने पर PF की रकम, पेंशन और बीमा से जुड़े दावों में नॉमिनेशन की अहम भूमिका होती है. EPFO के नियमों के मुताबिक, परिवार की स्थिति बदलने पर इसे जरूर अपडेट कर लेना चाहिए. 

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दरअसल, कई कर्मचारी नौकरी शुरू करते समय नॉमिनी की जानकारी भर देते हैं, लेकिन शादी या बच्चे होने के बाद इसे अपडेट नहीं करते हैं. ऐसे में बाद में PF से जुड़े दावे में दिक्कत आ सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि नॉमिनी किसे बनाया जा सकता है और ई-नॉमिनेशन कैसे किया जाता है. 

किसे बना सकते हैं PF का नॉमिनी?

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अगर आपका परिवार है, तो आमतौर पर परिवार के पात्र सदस्यों को नॉमिनी बनाया जाता है. वहीं, अगर आप शादीशुदा है तो अपने पति या पत्नी और बच्चों की जानकारी परिवार के सदस्य के तौर पर दर्ज करनी होगी. लेकिन अगर आपका कोई परिवार नहीं है, तो आप किसी दूसरे व्यक्ति को नॉमिनी बना सकते हैं. बाद में शादी या परिवार बनने पर पुराना नॉमिनेशन मान्य नहीं रहता, इसलिए नया नॉमिनेशन करना जरूरी होता है. यही वजह है कि अविवाहित सदस्यों को भी शादी के बाद अपनी नॉमिनी डिटेल जरूर अपडेट करनी चाहिए.

EPS और EDLI में भी नॉमिनी की भूमिका

PF का नॉमिनेशन सिर्फ EPF खाते की जमा रकम तक सीमित नहीं है. EPFO के तहत EPF के साथ कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) भी आती हैं.

EPS के लिए कर्मचारी को अपने पति या पत्नी और बच्चों की जानकारी देनी होती है. वहीं EPF के तहत किया गया नॉमिनेशन EDLI से भी जुड़ा होता है. इसलिए परिवार की जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है.

EPFO में ई-नॉमिनेशन कैसे करें?

  • सबसे पहले UAN और पासवर्ड की मदद से EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करें.
  • अब Manage ऑप्शन में जाकर E-Nomination पर क्लिक करें.
  • स्क्रीन पर दिखाई दे रही अपनी व्यक्तिगत जानकारी जांचें.
  • परिवार से जुड़ी जानकारी अपडेट करें और पात्र सदस्यों को जोड़ें.
  • नॉमिनी का नाम, जन्मतिथि, संबंध, आधार नंबर और पता जैसी जानकारी दर्ज करें.
  • नाबालिग नॉमिनी होने पर उसके अभिभावक की जानकारी भी भरें.
  • इसके बाद नॉमिनी चुनकर PF की रकम में उसका हिस्सा तय करें.
  • एक से ज्यादा नॉमिनी होने पर कुल हिस्सेदारी 100% होनी चाहिए.
  • परिवार की जानकारी सेव करने के बाद आधार आधारित ई-साइन की प्रक्रिया पूरी करें.
  • आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें.
  • आखिर में Nomination History में जाकर चेक करें कि नॉमिनेशन प्रोसेस पूरी हुई है या नहीं.

सिर्फ जानकारी भरने से पूरा नहीं होगा ई-नॉमिनेशन

ई-नॉमिनेशन में सिर्फ नॉमिनी की जानकारी दर्ज करना ही काफी नहीं है. यानी इस प्रोसेस को पूरा करने के लिए आधार आधारित ई-साइन करना भी जरूरी है. क्योंकि अगर आपने ई-साइन पूरा नहीं किया, तो नॉमिनेशन अधूरा माना जा सकता है. 

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