घर में अगर पुराना बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है तो कई लोगों ये सोचकर परेशान होते हैं कि अब बिजली का बिल कम आएगा या ज्यादा आएगा? उसमें भी अगर स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड सिस्टम लग जाए तो पैसे कटने का डर बढ़ जाता है. तो आइये इसी डर को दूर करते हैं और स्मार्ट मीटर के बारे में डिटेल में जानते हैं. यहां स्मार्ट मीटर और नॉर्मल मीटर के बीच का अंतर बताया गया है और साथ ही ये भी समझाया गया है कि स्मार्ट मीटर से बिल ज्यादा आता है या कम हो जाता है. 

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पुराने और स्मार्ट मीटर में क्या अंतर है?पुराना बिजली मीटर मीटर रीडर रीडिंग के हिसाब से बिल तैयार करता है. अगर रीडिंग नहीं हो पाती है तो अंदाज लगाकर भी बिल भी बन सकता है. वहीं, स्मार्ट मीटर डिजिटल होता है. मीटर से बिजली खपत का डेटा लिया जा सकता है और मोबाइल ऐप से बिजली खपत पर नजर रखी जाती है. पुराना मीटर था तो पहले महीने के आखिर में बिल देखकर पता चलता था कि कितनी बिजली खर्च हुई, जबकि अब स्मार्ट मीटर  है तो आप अपनी खपत को रोज ही ट्रैक कर सकते हैं.

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क्या स्मार्ट मीटर से बिल कम आता है?नहीं, स्मार्ट मीटर खुद बिजली की खपत को कम नहीं करता है. अगर आपके घर में पहले 300 यूनिट बिजली खर्च होती थी और अब भी 300 यूनिट ही खर्च हो रही है तो सिर्फ मीटर बदलने से बिल कम नहीं आने वाला है.

हां, स्मार्ट मीटर से आप ये जरूर देख सकते हैं कि घर में किस समय और कितनी बिजली खर्च हो रही है. इससे आप रियल टाइम खपत के साथ- साथ पुराना बिजली बिल भी देख सकते हैं.

प्रीपेड स्मार्ट मीटर कैसे काम करता है?अगर आपके घर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया गया है तो इसमें सिर्फ पेमेंट करने का तरीका बदल जाता है. जैसे मोबाइल रिचार्ज करते हैं वैसे ही आप मीटर में भी पैसे रिचार्ज करते हैं और बिजली इस्तेमाल होने के साथ बैलेंस कम होता जाता है. कम बैलेंस होने पर अलर्ट भी मिलता है.

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