Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के धमाके में क्या डैमेज हो गई आपकी भी गाड़ी, जानें इंश्योरेंस के लिए कैसे कर सकते हैं क्लेम?
Delhi Red Fort Blast: इस ब्लास्ट में कारों के डैमेज होने के बाद एक सवाल उठता है कि अगर ऐसे किसी ब्लास्ट या मानव निर्मित आपदा में आपकी भी कार डैमेज होती है तो क्या इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है?

Delhi Red Fort Blast: देश की राजधानी दिल्ली से बड़ी खबर सामने आई है. यहां सोमवार की शाम लाल किले के पास एक कार में हाई इंटेंसिटी ब्लास्ट हुआ. इस ब्लास्ट के बाद कई कारों में आग लग गई, जिससे अब तक आठ लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है. इसी के साथ पूरी दिल्ली के साथ आसपास के राज्यों में हाईअलर्ट भी जारी कर दिया गया है.
दिल्ली में हुए इस ब्लास्ट में कारों के डैमेज होने के बाद एक सवाल उठता है कि अगर ऐसे किसी ब्लास्ट या मानव निर्मित आपदा में आपकी भी कार डैमेज होती है तो क्या इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है? चलिए जानते हैं बीमा कंपनियों के इससे जुड़े क्या नियम हैं?
ऐसी घटना के दौरान क्या करें?
बीमा एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध की स्थिति, किसी ब्लास्ट जैसी स्थित में इंश्योरेंस क्लेम करना थोड़ा कठिन हो जाता है. ऐसे में अगर आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर लें. मसलन कार की हर एंगल से फोटो लें, आसपास की तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा करें और अपनी कार के साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ न करें. सभी तरह के साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद सबसे पहले पुलिस एफआईआर दर्ज कराएं और इसके बाद फोन या ईमेल के माध्यम से बीमा कंपनी को घटना के बारे में सूचित करें और उन्हें एफआईआर कॉपी व अन्य जरूरी कागजातों के साथ सभी साक्ष्य भी भेजें.
इन परिस्थितियों में नहीं मिलता है क्लेम
बीमा एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर इंश्योरेंस कंपनियां प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, बारिश, बिजली गिरने या भूकंप जैसे मामलों में बीमा क्लेम स्वीकार कर लेती हैं. इसके अलावा मानव निर्मित आपदाओं जैसे आगजनी, आतंकी घटना या दंगे की स्थिति में भी बीमा क्लेम स्वीकार किया जाता है. हालांकि, मोटर इंश्योरेंस में एक एक्सक्लूजन क्लॉज भी होता है, जिसके तहत कुछ खास मामलों को बीमा के दायरे से बाहर रखा जाता है. इसमें युद्ध की स्थिति, सैन्य कार्रवाई, बम धमाका, बायो-केमिकल हमले जैसी घटनाएं शामिल होती हैं. इस क्लॉज की शुरुआत 11 सितंबर, 2001 को न्यूयॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी और इसका मकसद बीमा कंपनियों को दिवालिया होने से बचाना था.
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Source: IOCL























