दिल्ली मेट्रो को राजधानी की लाइफ लाइन कहा जाता है, रोजाना लाखों यात्री ऑफिस, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे तक पहुंचने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. वहीं मेट्रो का सफर तेज और सुविधाजनक जरूर है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो में भी सामान ले जाने के लिए नियम तय है. अगर इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो स्टेशन पर एंट्री रोकी जा सकती है. ऐसे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सामान्य मेट्रो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के लिए अलग-अलग लगेज नियम तय किए हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या फ्लाइट की तरह मेट्रो में भी लगेज रूल होता है और दिल्ली मेट्रो में कितना वजन ले जा सकते हैं.

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नॉर्मल मेट्रो लाइन पर क्या है नियम?

रेड, ब्लू, येलो या अन्य सामान्य लाइनों पर यात्रा करने वाले यात्री अधिकतम 25 किलोग्राम तक का सामान ले जा सकते हैं. एक ही एक यात्री को सिर्फ एक बैग ले जाने की अनुमति है. वहीं बैग का आकार 80 सेंटीमीटर x 50 सेंटीमीटर x 30 सेंटीमीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए. वहीं मेट्रो में समान केवल बैग या सूटकेस में होना जरूरी है. खुले बंडल, गठरी या सामान्य आकार के पैकेज ले जाने की अनुमति नहीं है. स्टेशन पर लगे बैगेज स्कैनर में अगर आपका बैग तय आकार से बड़ा पाया गया तो आपको अंदर जाने से रोका जा सकता है.

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एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मिलती है थोड़ी राहत

वहीं एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रियों को कुछ छूट दी गई है. यहां एक यात्री अधिकतम 32 किलोग्राम तक का सामान ले जा सकता है और दो बैग साथ रख सकता है. प्रत्येक बैग का आकार 90 सेंटीमीटर x 75 सेंटीमीटर x 45 सेंटीमीटर  के अंदर होना चाहिए. हालांकि यहां भी बड़े बंडल या अनियमित आकार के पैकेज की अनुमति नहीं है.

किन बातों का रखें ध्यान?

मेट्रो में लगेज बैग ले जाते समय कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है. दरअसल यात्रा से पहले अपने बैग का वजन और आकर जांच लेना जरूरी है. कई बार जल्दबाजी में लोग ज्यादा सामान लेकर स्टेशन पहुंच जाते हैं और सुरक्षा जांच के दौरान रोक दिए जाते हैं. जिससे पूरी यात्रा की योजना प्रभावित हो सकती है. वहीं सुरक्षा कारणों से कुछ वस्तुएं मेट्रो में पूरी तरह प्रतिबंध है. इनमें हथियार, कारतूस, ज्वलनशील पदार्थ, गीली बैटरियां और पालतू जानवर शामिल है. हर स्टेशन पर सुरक्षा जांच अनिवार्य है और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी हो सकती है.

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