Delhi Heatwaves Cooling Zone Facility: दिल्ली में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते असर को देखते हुए सरकार ने राहत के लिए नई पहल शुरू की है. राजधानी के कई इलाकों में अब ‘बैंबू कूलिंग जोन’ तैयार किए जाएंगे, जहां लोग कुछ देर बैठकर गर्मी से राहत ले सकेंगे. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि यह योजना केवल तापमान से बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने की दिशा में भी एक अहम कदम है. ये कूलिंग जोन बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक तरीके से ठंडक देने का काम करेंगे.

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बैंबू कूलिंग जोन क्या है?

नाम से ही स्पष्ट है कि ये कूलिंग जोन बांस (बैंबू) से बनाए जाते हैं. बांस का उपयोग होने की वजह से इनका पर्यावरण पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है और ये लंबे समय तक चलने वाले भी होते हैं. इनका उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिन्हें दिनभर तेज धूप में बाहर काम करना पड़ता है. यहां वे थोड़ी देर रुककर आराम कर सकते हैं और गर्मी से राहत महसूस कर सकते हैं.

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कहां मिल रही है यह सुविधा?

अभी दिल्ली में दो कूलिंग जोन पहले से ही शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें एक बवाना और दूसरा अलीपुर क्षेत्र में स्थित है. इन दोनों जगहों पर लोग इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं. इसके साथ ही सरकार ने तीन नए कूलिंग जोन बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. इनमें से एक कूलिंग जोन डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने तैयार किया जा रहा है.

कैसे मिलेगी गर्मी से राहत?

इन कूलिंग जोन को विशेष तकनीक के साथ बनाया गया है. यहां खस (वेटिवर) घास की दीवारों का इस्तेमाल किया गया है, जो प्राकृतिक रूप से ठंडक देने में मदद करती हैं. इसके साथ ही मिस्ट सिस्टम लगाया गया है, जिसमें पानी की हल्की बूंदें हवा में छोड़ी जाती हैं, जिससे गर्मी का असर कम महसूस होता है. साथ ही अंदर हवा के आने-जाने का अच्छा इंतजाम किया गया है, ताकि लोगों को ताज़गी मिले और बैठने में आराम महसूस हो.

कूलिंग जोन में मिलेंगी कई जरूरी सुविधाएं

इन कूलिंग जोन को सिर्फ आराम करने की जगह के तौर पर नहीं बनाया गया है, बल्कि यहां लोगों की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा गया है. यहां आने वाले लोगों के लिए ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध होगी, साथ ही ओआरएस पैकेट भी रखे जाएंगे ताकि गर्मी से होने वाली कमजोरी से बचाव हो सके. इसके अलावा सुरक्षा के लिए फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं और लू से बचाव से जुड़ी जरूरी जानकारी भी लोगों को दी जाएगी, ताकि वे गर्मी के मौसम में खुद को सुरक्षित रख सकें.

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किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा

यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो दिनभर बाहर काम करते हैं. इसमें मजदूर, रिक्शा और ई-रिक्शा चालक, राहगीर, बुजुर्ग, डिलीवरी कर्मचारी और खुले में काम करने वाले लोग शामिल हैं. तेज धूप और गर्मी के समय ये लोग इन कूलिंग जोन में थोड़ी देर आराम कर सकेंगे और लू के असर से खुद को सुरक्षित रख पाएंगे.