दिल्ली वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. सरकार ने एक ऐसी स्कीम को मंजूरी दी है, जिसके जरिए अब छत पर सोलर लगवाना बिल्कुल मुफ्त होने वाला है. दिल्ली सरकार ने अपनी सोलर एनर्जी पॉलिसी में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह मुफ्त रूफटॉप सोलर स्कीम (Free Rooftop Solar Scheme) शुरू की गई है‌.

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इस स्कीम का मकसद 2027 तक राजधानी के 2.3 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है. सरकार की इस नई पहल के तहत, जो घरेलू ग्राहक महीने में 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं, वे मुफ्त में सोलर पैनल लगवाने के पात्र होंगे. इसके लिए शुरुआती सारा खर्च सरकार उठाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस बड़े बदलाव की घोषणा की है‌.

एक पैसा भी नहीं होगा खर्च 

नए नियमों के तहत, जिन घरों में महीने में 400 यूनिट तक बिजली की खपत होती है, उन्हें 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम मुफ्त मिल सकता है, बशर्ते इसे लगाना तकनीकी रूप से संभव हो. इस पर टोटल 1.56 लाख रुपये के करीब फंडिंग होगी, जिसमें केंद्र सरकार की 78,000 रुपये की सब्सिडी और दिल्ली सरकार की उतनी ही कैपिटल सब्सिडी शामिल है. यानी कि उपभोक्ताओं के लिए शुरुआती निवेश पर कोई खर्च नहीं आएगा.

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इतना ही नहीं, योजना के तहत 5 साल तक मेनटेनेंस भी फ्री में मिलेगी. चुने गए वेंडर्स अगले 5 सालों तक सोलर सिस्टम का ऑपरेशन और मेंटेनेंस (रखरखाव) पूरी तरह मुफ्त संभालेंगे‌.

पुरानी सब्सिडी भी रहेगी जारी

स्कीम की सबसे खास बात यह है कि सोलर पैनल लगवाने के बाद भी परिवारों को मिलने वाली पुरानी बिजली सब्सिडी का लाभ बंद नहीं होगा, बल्कि वे दोनों का फायदा एक साथ ले सकेंगे‌. यानी कि आसान भाषा में कहें, तो आपको सोलर से मुफ्त बिजली भी मिलेगी और अगर आप सरकारी ग्रिड से बिजली लेते हैं, तो उस पर मिलने वाली छूट (सब्सिडी) भी पहले की तरह जारी रहेगी. 

कैसे करेंगे अप्लाई?

दिल्ली सरकार की इस नई मुफ्त रूफटॉप सोलर योजना का लाभ उठाने के लिए आपको केंद्र सरकार के 'पीएम सूर्य घर' पोर्टल के जरिए ही ऑनलाइन आवेदन करना होगा. सबसे पहले आपको pmsuryaghar.gov.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कराना होगा.

फिर लॉगिन करने के बाद Rooftop Solar Application फॉर्म भरना होगा. आवेदन को मंजूरी मिलते ही आपके रजिस्टर्ड नंबर और पोर्टल पर Feasibility Approval का मैसेज आएगा, जिसके बाद वेंडर सिलेक्शन और इंस्टॉलेशन का काम होगा.

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