Credit Card Minimum Due Impact: आज के समय में क्रेडिट कार्ड लोगों की लाइफ का अहम हिस्सा बन गया है. हालांकि, इसका इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी बातें समझना बहुत जरूरी है. कई लोग बिना पूरी जानकारी के कार्ड यूज करते हैं. जिससे बाद में उन्हें ज्यादा ब्याज या अतिरिक्त चार्ज का सामना करना पड़ता हैं. इसलिए क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल और उससे जुड़ी बेसिक बातों की समझ होना काफी जरूरी है. आइए जानते हैं, इस बारे में.
क्रेडिट कार्ड में मिनिमम ड्यू
क्रेडिट कार्ड बिल में “मिनिमम ड्यू” वह छोटी रकम होती है, जिसे आपको तय तारीख तक जरूर जमा करना होता हैं. ताकि आपका कार्ड चालू रहे और लेट फीस न लगे. यह पूरी बकाया राशि नहीं होती, बल्कि उसका एक छोटा हिस्सा होता है. आम तौर पर यह रकम करीब 2 से 5 प्रतिशत के बीच होता है.
क्या सिर्फ मिनिमम पेमेंट से स्कोर पर असर पड़ता है?
- अगर आप हर महीने समय पर मिनिमम ड्यू भरते हैं, तो तुरंत आपका क्रेडिट स्कोर नहीं गिरता हैं. आप डिफॉल्ट की स्थिति में नहीं आते हैं. हालांकि, लंबे समय तक ऐसा करने से आपको परेशानी हो सकती हैं.
- अगर आप लंबे समय तक सिर्फ मिनिमम पेमेंट करते रहते हैं, तो धीरे-धीरे इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर दिखने लगता है. जिसके बाद आपकी प्रोफाइल कमजोर पड़ सकती है. आने वाले समय में लोन मिलने में परेशानी भी हो सकती है.
किन वजहों से बढ़ती है परेशानी
- पूरा बिल न चुकाने पर आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन बढ़ जाता है. यानी आप अपने लिमिट का ज्यादातर हिस्सा इस्तेमाल कर रहे होते हैं. ऐसा करने से आपका सिबिल स्कोर गिर सकता हैं.
- इसके साथ ही अगर आप हर महीने केवल मिनिमम पेमेंट ही करते हैं तो ब्याज की रकम बहुत तेजी से बढ़ती है. कर्ज बढ़ने से आप परेशानी में आ सकते हैं. ज्यादा कर्ज और लगातार बढ़ता ब्याज आपको गरीबी की खाई में धकेल सकता है. संभव हो तो अपने क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर भरें और मिनिमम ड्यू पेमेंट करने से दूरी बना लें.
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