दिल्ली में सीजेपी के  विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के चलते भारतीय रेलवे ने कड़ा कदम उठाया है. 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन (NZM) रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली 250 से ज्यादा मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

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रेलवे अधिकारियों ने बताया है कि यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी में भारी भीड़ और संभावित यातायात जाम को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर लिया गया है. इससे पहले के स्टेशनों से चलने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन पर भी इसका असर पड़ा है, जिसके चलते यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें.

250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द

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रेलवे ने बताया है कि पहले 38 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गईं, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 45 कर दिया गया है. इसके बाद एक अन्य सूचना में रेलवे ने दिल्ली आने वाली 40 और यहां से जाने वाली 35 ट्रेनों को रद्द कर दिया. लेकिन शाम तक उत्तर रेलवे ने रद्द की गई कुल ट्रेनों की संख्या को संशोधित कर 250 से ज्यादा कर दिया, जिसमें मेल, एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें शामिल हैं.

लोकल ट्रेनों को भी रद्द किया गया

नई दिल्ली और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से रवाना होने वाली ट्रेनों के साथ-साथ लोकल ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है. इस कदम की वजह से हजारों यात्रियों को हुई असुविधा को लेकर रेलवे और सरकार की कड़ी आलोचना हो रही है. सोनीपत में आज सुबह दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को रद्द किया गया है. प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी अहतियात बरत रहा है.

रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि देश में पहले भी आंदोलनों के कारण एक-दो ट्रेनें रद्द हुई हैं, लेकिन इतनी सारी ट्रेनें एक साथ कभी रद्द नहीं हुईं. रद्द होने से हजारों यात्रियों को भारी असुविधा हुई है, जिनमें से कई लोग जरूरी चिकित्सा कारणों, काम या पारिवारिक समारोहों के लिए यात्रा कर रहे होंगे.

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