Chardham Yatra VIP Darshan News: चारधाम यात्रा करना सभी श्रद्धालुओं का सपना होता है. अपनी धार्मिक यात्रा को पूरा करने और भगवान के दर्शन करने के लिए लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम पहुंचते हैं. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और आस्था के साथ अपनी यात्रा पूरी करते हैं. इन दिनों भी दोनों धामों में दर्शन के लिए भारी भीड़ देखने को मिल रही है.

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इन दिनों भी दोनों धामों में दर्शन के लिए रोजाना भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके चलते कई श्रद्धालुओं को लंबे समय तक कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है.

इसी स्थिति को देखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने VIP और प्रोटोकॉल दर्शन से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए नई SOP जारी की है. इसका मकसद दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि VIP दर्शन के कारण आम श्रद्धालुओं को कम से कम परेशानी हो. साथ ही मंदिर परिसर में दर्शन प्रक्रिया को सुचारु और सुरक्षित बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है.

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VIP दर्शन का शुल्क

नई SOP के तहत अब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में VIP या प्रोटोकॉल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 1100 रुपये शुल्क देना होगा. यह राशि जमा करने के बाद मंदिर समिति की तरफ से आधिकारिक रसीद भी दी जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे.

जानिए कैसे ले सकते है VIP दर्शन की सुविधा

नई SOP के अनुसार, VIP या प्रोटोकॉल दर्शन के लिए राज्य सरकार से प्राप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन या बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति विशेष दर्शन पर्ची जारी करेगी. इस पर्ची के जरिए श्रद्धालुओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन की सुविधा दी जाएगी. वहीं, प्रोटोकॉल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में अलग प्रवेश व्यवस्था की गई है, ताकि आम श्रद्धालुओं की दर्शन प्रक्रिया पर कम से कम असर पड़े.

वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग नियम

नई व्यवस्था के तहत गेट नंबर-2 से प्रवेश की अनुमति सिर्फ वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और मंदिर समिति द्वारा चिन्हित विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं को ही दी जाएगी. समिति ने कहा है कि इस सुविधा का इस्तेमाल केवल पात्र लोगों के लिए है. यदि नियमों का उल्लंघन कर किसी अन्य व्यक्ति को इस गेट से प्रवेश दिया जाता है, तो जिम्मेदार कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

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प्रोटोकॉल कार्यालय भी किया गया शिफ्ट

नई SOP के तहत प्रोटोकॉल कार्यालय को अब नीलकंठ विश्रामगृह से संचालित करने का फैसला लिया है. इसके अलावा, दर्शन से जुड़े कामों को बेहतर तरीके से संभालने के लिए विभिन्न विभागों और भारतीय सेना के अधिकारियों को भी आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. यदि आप जल्द ही चारधाम यात्रा पर जाने वाले हैं, तो VIP या प्रोटोकॉल दर्शन से जुड़े नए नियमों को पहले से समझ लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. अब इस सुविधा का लाभ केवल तय प्रक्रिया पूरी करने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद ही लिया जा सकेगा.

प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों से मंदिरों में बढ़ती भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा. साथ ही आम और VIP श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को अधिक सरल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में भी मदद मिलेगी