Taxi Driving Rules: आज के वक्त में ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज ड्राइवरों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी हैं. OLA, UBER, RAPIDO के बाद अब भारत टैक्सी जैसे प्लेटफॉर्म शहरों में लगातार फैल रहे हैं. जिससे यात्रियों को सुविधा मिल रही है. तो वहीं  ड्राइवरों को मौके मिल रहे हैं. ऐसे में कई ड्राइवरों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक ही गाड़ी और एक ही ड्राइवर अलग अलग प्लेटफॉर्म पर साथ में काम कर सकता है. 

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जिससे ज्यादा बुकिंग होगी और अच्ची कमाई हो. जान लीजिए क्या ऐसा किया जा सकता है या नहीं कि एक ही ड्राइवर इन अलग-अलग कंपनी में कैब चलाए. अगर बिना जानकारी के किया यह काम तो आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकता है.

मल्टी प्लेटफॉर्म पर काम करने की परमिशन होती है? 

देश में ज्यादातर एग्रीगेटर ड्राइवरों को एक ही ऐप तक लिमिटेड नहीं रखते. यानी ड्राइवर चाहें तो एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रह सकते हैं. लेकिन जिस ऐप की राइड असेप्ट करें उसी के नियमों को फाॅलो जरूरी है. दो ऐप से एक साथ राइड लेकर देरी करना या बार बार कैंसिल करना अकाउंट पर निल असर डाल सकता है. 

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इसलिए हर प्लेटफॉर्म की शर्तें ध्यान से समझना जरूरी है. कई शहरों में लोकल गाइडलाइंस भी लागू होती हैं. सही प्लानिंग और ऐप मैनेजमेंट के साथ मल्टी प्लेटफॉर्म काम ड्राइवर की कमाई को ज्यादा स्टेबल और फायदेमंद बना सकता है.

सही डाॅक्यूमेंट्स होने जरूरी

एक ही गाड़ी को कई ऐप पर चलाने के लिए वैलिड कमर्शियल परमिट, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी हैं. वाहन का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल कैटेगरी में होना चाहिए. बीमा पॉलिसी में राइड शेयरिंग या कमर्शियल यूज कवर होना अहम है. 

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दस्तावेज अपडेट न हों तो किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल ब्लॉक हो सकता है. पुलिस या परिवहन विभाग की जांच के दौरान कागज पूरे होने चाहिए. अलग अलग ऐप पर एक ही दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं. बशर्ते वह वैलिड और अपडेटेड हों. 

यह सावधानियां बरतना जरूरी

एक साथ कई ऐप चलाने से कैंसिलेशन रेट बढ़ने के और रेटिंग गिरने से अकाउंट सस्पेंड होने का रिस्क रहता है. पीक आवर में सही ऐप चुनना और खाली समय में दूसरे ऐप पर एक्टिव रखना समझदारी है. तभी फायदा मिल सकता है वरना उल्टा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

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