Birth and Death Registration: बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड नहीं, बल्कि कई जरूरी कामों के लिए सबसे अहम डॉक्युमेंट्स हैं. अगर आपके घर में किसी बच्चे का बर्थ हुआ है या परिवार में किसी सदस्य का डेथ हुआ है, तो बर्थ सर्टिफिकेट और डेथ सर्टिफिकेट जरूर बनवा लेना चाहिए. कई लोग इन्हें सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आगे चलकर यही डॉक्युमेंट्स सबसे ज्यादा काम आते हैं. सरकार के नियमों से बर्थ और डेथ का रजिस्ट्रेशन फिक्स समय के अंदर कराना जरूरी होता है, ताकि फ्यूचर में किसी तरह की परेशानी नहीं हो. अगर समय पर सर्टिफिकेट नहीं बनवाया जाता है, तो बाद में इसे बनवाने की प्रोसेस लंबी हो सकती है.
बर्थ सर्टिफिकेट किस जगह आता है काम?
बर्थ सर्टिफिकेट किसी व्यक्ति की बर्थ डेट, बर्थ का जगह और पहचान का ऑफिसियल सर्टिफिकेट होता है. इसकी जरूरत स्कूल में एडमिशन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्युमेंट्स बनवाने में पड़ सकती है. इसके अलावा सरकारी योजनाओं का फायदा लेने, सरकारी नौकरी में उम्र का सर्टिफिकेट देने और कई दूसरे सरकारी काम में भी ये अहम डॉक्यूमेंट माना जाता है. कई बैंकिंग सर्विस,जायदाद से जुड़े मामलों और दूसरे ऑफिसियल कामों में भी बर्थ सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है.
यह भी पढ़ें: बाढ़ के पानी से खराब हुई शराब, अब शख्स को मिलेगा 1.2 करोड़ का मुआवजा
परिवार में किसी व्यक्ति की मौत के बाद डेथ सर्टिफिकेट सबसे जरूरी डॉक्युमेंट्स में शामिल होता है. इसकी मदद से बैंक अकाउंट बंद कराने, इन्श्योरेन्स क्लेम लेने, फैमिली पेंशन शुरू कराने, जायदाद को नाम पर ट्रांसफर कराने और विरासत से जुड़े कानूनी काम पूरे किए जाते हैं. कई मामलों में इंवेस्टमेंट, शेयर, म्यूचुअल फंड और दूसरे फाइनेंशियल रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए भी इसकी जरूरत पड़ती है. इसके बिना कई सरकारी और कानूनी प्रोसेस पूरी होने में देरी हो जाती है.
समय पर बनवाएं और अच्छे से रखें
इसलिए बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट को सिर्फ एक कागज समझने की गलती नहीं करें. ये ऐसे जरूरी डॉक्युमेंट्स हैं, जिनकी जरूरत जिंदगी के अलग-अलग जगहों पे पड़ती है. इसे समय पर बनवाना और सेफ रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि फ्यूचर में किसी भी सरकारी, कानूनी या फाइनेंशियल काम के दौरान ये डॉक्युमेंट्स आपकी सबसे बड़ी मदद करते हैं.
यह भी पढ़ें: रोज 100 रुपये बचाकर बना सकते हैं करोड़ों का फंड, जानें कंपाउंडिंग का कमाल
