Bhavya Scheme: देश के विकास के लिए सरकार नई- नई योजनाएं  लाती रहती है. अब केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना शुरू की है. भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) के लिए 33,660 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है. जिसका मकसद ग्लोबल लेवल पर इंडस्ट्रीयल पार्क तैयार कर प्रोडक्शन क्षेत्रों को हर हालात में आगे बढ़ाना है. साथ ही दुनिया भर के इन्वेस्टरों के लिए रूकावट को दूर करना और प्रोडक्शन में बदलाव को काफी तेज करना है. 

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मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भव्य स्कीम की तमाम शर्तें जारी करते हुए कहा कि राज्यों से उम्मीद की जा रही है कि वह उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करें और निवेश आकर्षित करें. योजना के पहले फेज में अगले दो महीनों के भीतर 20 पार्क शुरू किए जाएंगे, जबकि जल्द ही 30 और पार्क लाए जाएंगे.

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सरकार की BHAVYA स्कीम

दरअसल, BHAVYA केंद्र सरकार की एक पहल है, जिसका बुनियादी मकसद ही देश में विश्वस्तरीय 'प्लग-एंड-प्ले'इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करना है. इस योजना के तहत कंपनियों को रेडी-टू-यूज़ मतलब पहले से तैयार फैक्ट्रियां और बुनियादी स्ट्रक्चर दिया जाता है. जिससे वह बिना किसी बाधा और देरी के अपना बिजनेस शुरू कर सकें. यह योजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘पीएम गति शक्ति’ और भारत को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सरकार के विजन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.

BHAVYA योजना का विजन 

सबसे पहला विजन, इस योजना का मकसद पूरे भारत में विश्व स्तरीय पर 100 ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंडस्ट्रियल पार्क को विकसित करना है. दूसरा विजन , साल 2026-27 से शुरू होने वाली छह साल की अवधि में लागू किया जाएगा, योजना के तहत पहले चरण में करीब 50 पार्कों को बनाकर तैयार करना है.  इस योजना से जुड़ी तीसरी सबसे से दिलचस्प बात यह कि, यह योजना राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (NICDP) के तहत इंडस्ट्री स्मार्ट शहरों की सफलता पर आधारित है और इंडस्ट्रियल गलियारा मॉडल के अगली पीढ़ी के फैलाव को देखते हुए अगुवाई करना है. 

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साथ ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी कि भव्या योजना के शुभारंभ के महज दो महीने बाद, मोदी सरकार ने आज योजना की तमाम शर्तें जारी की है और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए आवेदन आमंत्रित किया. इतना ही नहीं, यह पार्क जिनमें सहज और सुलभ बुनियादी ढांचा होगा, जो इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा देंगे, निवेश को लुभाने का काम करेंगे, रोजगार के अवसर पैदा करेंगे और बिजनेस करने में आसानी बढ़ाएंगे.