बीमारी में छुट्टी ली तो बैंक ने छीनी नौकरी, हाई कोर्ट ने SBI को दिया बहाली का आदेश
बीमारी के कारण लंबे समय तक छुट्टी पर रहने वाले SBI के एक अधिकारी को पटना हाई कोर्ट ने बहाल कर दिया है. कोर्ट ने सभी दावे सुन कर कहा बैंक ने मेडिकल दस्तावेजों पर उचित विचार नहीं किया था.

पटना हाई कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के एक अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनकी सेवा बहाल करने का आदेश दिया है. अधिकारी को बीमारी के कारण लंबे समय तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के बाद बैंक ने यह मान लिया था कि उन्होंने स्वेच्छा से नौकरी छोड़ दी है. कोर्ट ने इस कार्रवाई को उचित नहीं माना है.
मामला SBI के डिप्टी मैनेजर पंकज कुमार सिंह से जुड़ा है, जिन्होंने बैंक में तीन दशक से अधिक समय तक काम किया. वह नवंबर 1989 में पटना की गांधी मैदान शाखा में क्लर्क-कम-कैशियर के रूप में नियुक्त हुए थे. बाद में उन्हें असिस्टेंट मैनेजर और फिर डिप्टी मैनेजर के पद पर पदोन्नति मिली.
पीलिया के बाद बिगड़ी तबीयत
जून 2019 में मुजफ्फरपुर जोन में पोस्टिंग के बाद अधिकारी को गंभीर पीलिया होने का पता चला. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी. उन्होंने मेडिकल लीव के लिए आवेदन किया और उनका दावा था कि छुट्टी बैंक के HRMS पोर्टल के जरिए स्वीकृत हुई थी. इसी दौरान उनके पैरों में गंभीर दर्द की समस्या भी हुई और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा.
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दिसंबर 2019 में स्वस्थ होने के बाद जब वह ड्यूटी पर लौटे तो उन्हें बताया गया कि पहले की छुट्टी मंजूर नहीं की गई थी. बैंक ने उनकी अनुपस्थिति को अनधिकृत माना और बाद में यह कहते हुए सेवा समाप्त मान ली कि उन्होंने स्वेच्छा से नौकरी छोड़ दी है. अधिकारी ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया.
कोर्ट ने बैंक की कार्रवाई को माना अनुचित
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि अधिकारी द्वारा पेश किए गए मेडिकल दस्तावेजों को फर्जी या अविश्वसनीय साबित नहीं किया गया था. कोर्ट ने कहा कि उनकी स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों और उपलब्ध छुट्टियों पर उचित तरीके से विचार किया जाना चाहिए था. अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी को बिना उचित अवसर दिए उसकी नौकरी छोड़ने वाला मान लेना सही प्रक्रिया नहीं है. कोर्ट ने SBI के संबंधित आदेशों को रद्द करते हुए अधिकारी को सेवा की निरंतरता के साथ बहाल करने का निर्देश दिया.
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