Bank Rules For Minimum Balance: देश में करोड़ों लोग बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आज भी काफी लोगों को मिनिमम बैलेंस के नियम ठीक से समझ नहीं आते. अक्सर ऐसा होता है कि खाते में  कम पैसे रह जाते हैं और फिर बैंक चार्ज काट लेता है. कई बार लोगों को बाद में पता चलता है कि उनके अकाउंट से धीरे-धीरे पैसे कम होते जा रहे हैं.

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यही वजह है कि मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियम जानना जरूरी हो जाता है. अलग-अलग बैंकों के अपने नियम होते हैं और चार्ज भी उसी हिसाब से तय होता है. अगर आप इन बातों को पहले से समझ लें. तो बेवजह कटने वाले चार्ज से बच सकते हैं और अपना पैसा सेफ रख सकते हैं.

मिनिमम बैलेंस न होने पर कितना चार्ज लगता है?

मिनिमम बैलेंस का मतलब होता है कि आपको अपने सेविंग या करंट अकाउंट में एक तय रकम हर समय बनाए रखनी होती है. यह रकम बैंक अकाउंट के टाइप और शहर के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. जैसे मेट्रो शहरों में यह लिमिट ज्यादा होती है. जबकि छोटे शहरों में कम. अगर आपके खाते में यह बैलेंस इस लिमिट से नीचे चला जाता है. तो बैंक पेनल्टी चार्ज लगाता है.

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  • आमतौर पर चार्ज 50 रुपये से 600 रुपये तक हो सकता है.
  • कुछ बैंक हर महीने तो कुछ तिमाही आधार पर चार्ज काटते हैं.
  • पेनल्टी के साथ जीएसटी भी अलग से लगता है.
  • बार-बार बैलेंस कम रहने पर चार्ज लगातार कट सकता है.
  • बेसिक सेविंग अकाउंट में आमतौर पर मिनिमम बैलेंस की शर्त नहीं होती.

इसलिए अकाउंट किस टाइप का है यह समझना बहुत जरूरी है. वरना छोटे-छोटे चार्ज मिलकर बड़ा नुकसान कर सकते हैं.

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क्या हैं इसके लिए नियम?

अगर आप नहीं चाहते कि आपके खाते से बार-बार चार्ज कटे. तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखना काफी है. थोड़ी सी सावधानी से आप इन चार्जेस से बच सकते हैं और अपने पैसे को सेफ रख सकते हैं.

  • हमेशा खाते में तय मिनिमम बैलेंस बनाए रखें.
  • मोबाइल बैंकिंग या एसएमएस अलर्ट ऑन रखें.
  • जरूरत हो तो अकाउंट को बेसिक सेविंग अकाउंट में बदलवाएं.
  • सैलरी या जीरो बैलेंस अकाउंट का ऑप्शन देखें.
  • बैंक के नियम और शर्तें अकाउंट खोलते समय ध्यान से पढ़ें.

एक जरूरी बात यह भी है कि बैंक आपको बिना जानकारी दिए बड़े चार्ज नहीं लगा सकता. इसलिए समय-समय पर अपने बैंक से जुड़े अपडेट चेक करते रहें.

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