आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कोई मांगे पैसे, तो इस नंबर पर करें शिकायत
Ayushman Card Complaint: आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर कोई पैसे मांगे तो सतर्क हो जाएं. यह बिल्कुल फ्री बनता है. ऐसी सिचएशन में आप तुरंत हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें.

Ayushman Card Complaint: देश में सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं. जिनसे करोड़ों लोग सीधे जुड़कर लाभ ले रहे हैं. कहीं सब्सिडी मिलती है कहीं सीधी आर्थिक मदद. तो कहीं स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं. इन्हीं में से एक बड़ी योजना है आयुष्मान भारत योजना जिसका मकसद जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना है.
पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है. जिसके जरिए वह सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं. खास बात यह है कि यह कार्ड पूरी तरह मुफ्त बनता है. अगर कोई इसके लिए पैसे मांगता है. तो यह गलत है और इसकी शिकायत की जा सकती है. जान लें कहां करनी होती है शिकायत.
कैसे बनता है आयुष्मान कार्ड?
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सबसे पहले अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाना होता है. वहां आपकी पात्रता जांची जाती है और जरूरी दस्तावेज देखे जाते हैं. अगर आप योजना के मानकों पर खरे उतरते हैं. तो आपका आवेदन वहीं से आगे बढ़ा दिया जाता है. प्रोसेस पूरी होने के बाद आपका कार्ड जनरेट हो जाता है.
जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है. इसके अलावा ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है. आधिकारिक वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाकर या आयुष्मान एप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन हो सकता है. इसके लिए किसी एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं होती.
कोई पैसे मांगे तो यहां करें शिकायत
अगर कोई व्यक्ति आयुष्मान कार्ड बनवाने के नाम पर पैसे मांगता है. या अपात्र होने के बावजूद गलत तरीके से कार्ड बनवाने का लालच देता है. तो तुरंत सतर्क हो जाएं. ऐसी सिचुएशन में सीधे शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. योजना के हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर जानकारी दी जा सकती है. शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित मामले की जांच की जाती है. सरकार ने इस बारे में साफ कहा है कि आयुष्मान कार्ड बनवाना पूरी तरह फ्री है. इसलिए किसी को भी फीस या सर्विस चार्ज देने की जरूरत नहीं है.
आयुष्मान कार्ड से कितना मिलेगा फ्री इलाज?
आयुष्मान कार्ड के जरिए पात्र परिवार सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं. यह लिमिट हर साल रिन्यू होती है. यानी नए साल में फिर से पूरा कवर उपलब्ध हो जाता है. कार्डधारक उन सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं. जो योजना में रजिस्टर्ड हैं. भर्ती, सर्जरी और कई गंभीर बीमारियों का खर्च इस कवर के तहत आता है. मरीज को अस्पताल में सीधे भुगतान नहीं करना पड़ता. क्योंकि खर्च इसके तहत कवर होता है. यही वजह है कि यह योजना लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बन चुकी है.
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Source: IOCL


























