रेस्तरां जबरन वसूल रहा सर्विस चार्ज, जानें उस पर कैसे लगवा सकते हैं 50 हजार की पेनाल्टी?
यह सर्विस चार्ज कई बार 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत या उससे ज्यादा तक होता है, जिससे कुल बिल काफी बढ़ जाता है. अक्सर ग्राहक यह सोचकर भुगतान कर देते हैं कि शायद यह देना जरूरी है.

आजकल बाहर खाना खाना सिर्फ जरूरत नहीं, बल्कि एक शौक भी बन गया है. परिवार के साथ डिनर हो, दोस्तों के साथ पार्टी हो या ऑफिस की मीटिंग, लोग अक्सर रेस्तरां का रुख करते हैं, लेकिन कई बार स्वादिष्ट खाने के बाद जब बिल सामने आता है, तो उसमें GST के साथ-साथ सर्विस चार्ज भी जुड़ा होता है. यह सर्विस चार्ज कई बार 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत या उससे ज्यादा तक होता है, जिससे कुल बिल काफी बढ़ जाता है. अक्सर ग्राहक यह सोचकर भुगतान कर देते हैं कि शायद यह देना जरूरी है, लेकिन अब ऐसा नहीं है. कानून साफ कहता है कि रेस्तरां किसी भी ग्राहक से सर्विस चार्ज जबरन नहीं ले सकता है.
क्या है नया नियम?
Delhi High Court ने साफ कर दिया है कि रेस्तरां सर्विस चार्ज को अनिवार्य नहीं बना सकते हैं. यह पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह सर्विस चार्ज देना चाहता है या नहीं, कोर्ट ने Central Consumer Protection Authority (CCPA) की गाइडलाइंस को सही माना है. इन गाइडलाइंस में स्पष्ट कहा गया है कि बिल में सर्विस चार्ज अपने-आप नहीं जोड़ा जा सकता है. सर्विस चार्ज को जरूरी या जरूरी बताना गलत है. ग्राहक पर कोई अतिरिक्त शुल्क जबरदस्ती नहीं थोपा जा सकता है. इसके अलावा Ministry of Consumer Affairs, Food & Public Distribution ने भी साफ कर दिया है कि सर्विस चार्ज को जबरन वसूलना उपभोक्ता कानूनों का उल्लंघन है.
क्या रेस्तरां पर लग सकता है जुर्माना?
अगर कोई रेस्तरां नियमों का उल्लंघन करता है और जबरदस्ती सर्विस चार्ज वसूलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. ऐसे मामलों में 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं.
अगर बिल में जबरन सर्विस चार्ज जोड़ दिया जाए तो क्या करें?
अगर किसी रेस्तरां ने आपके बिल में खुद से सर्विस चार्ज जोड़ दिया है, तो आप बिल में सुधार की मांग कर सकते हैं.साफ-साफ कह सकते हैं कि आप सर्विस चार्ज नहीं देना चाहते. अतिरिक्त शुल्क हटवाने का अधिकार रखते हैं. अगर इसके बावजूद भी रेस्तरां पैसे लेने की कोशिश करे, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं.
शिकायत कहां और कैसे करें?
आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) में केस कर सकते हैं. ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है. शिकायत करते समय बिल की कॉपी और भुगतान का प्रमाण जरूर रखें.
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Source: IOCL























