Active vs Index Funds: आज के समय में निवेश करना हर किसी के लिए बहुत जरूरी है. अपने, अपने परविरा और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हर कोई निवेश जरूर करता है. निवेशक भी अलग- अलग तरह के होते हैं, कुछ होते हैं जो जोखिम लेकर एक्टिव फंड्स में निवेश करते हैं और कुछ निवेशकों को बहुत साधारण और आसानी से किया जाने वाला निवेश पसंद है तो वे पैसिव या इंडेक्ट फंड को चुनते हैं. आइये बताते हैं दोनों में अंतर और किसमें निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है.

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एक्टिव फंड्स क्या है?एक्टिव फंड्स ऐसे फंड्स होते हैं जिसमें निवेशक के पैसे को अलग-अलग शेयरों में रिसर्च और रणनीति के आधार पर लगाए जाते हैं. इसका उद्देश्य बाजार से बेहतर रिटर्न कमाना होता है. यदि आप सही फंड चुनते हैं तो आपको ज्यादा रिटर्न मिलता है, लेकिन ये जोखिम भरा भी रहता है. एक्टिव फंड्स के अंतर्गत लार्ज-कैप फंड्स, फ्लेक्सी-कैप फंड्स, मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स आते हैं.

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पैसिव या इंडेक्ट फंड्स क्या है?पैसिव या इंडक्स फंड्स में कोई जोखिम नहीं होता है. ये किसी इंडेक्स, जैसे निफ्टी 50 या सेंसेक्स को ट्रैक करते हैं. इसमें निवेश करने के लिए शेयर की जगह उसी अनुपात को चुना जाता है जो इंडेक्स में होता है. इनका उद्देश्य बाजार जितना रिटर्न देना होता है उससे ज्यादा नहीं. इसके अंतर्गत निफ्टी 50 फंड, सेंसेक्स इंडेक्स फंड और ईटीएफ (Exchange Traded Fund) आत हैं.

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1 लाख का निवेश करने पर 10 साल बाद किसमें होगा फायदा?एक्टिव फंड्स और पैसिव फंड्स दोनों में निवेश करना अपने आप में अलग- अलग एक्सपीरियंस की तरह है. एक उदाहरण के जरिए बताते हैं:

मान लीजिए दो लोगों ने 10 साल पहले 1-1 लाख रुपये अलग- अलग फंड्स में निवेश किए हैं. एक व्यक्ति ने 1 लाख रुपये एक्टिव फंड्स में डाले, तो दूसरे व्यक्ति ने 1 लाख रुपये पैसिव (इंडेक्स फंड) में निवेश किए हैं. 10 साल बाद इंडेक्स फंड में लगाया गया 1 लाख रुपये बढ़कर करीब 3.15 लाख रुपये हो जाता.

तो वहीं, एक्टिव फंड में रिटर्न इस बात पर निर्भर करता कि निवेशक ने कौन-सा फंड चुना गया है. अगर सही लार्ज-कैप फंड चुना होता तो रकम 3.83 लाख रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन खराब प्रदर्शन वाले फंड में ये सिर्फ 2.60 लाख रुपये ही होती है.

ऐसे में निवेश करने से पहले आपको बहुत सोच समझकर ही निवेश करना चाहिए. यदि आप जोखिम ले सकते हैं तो आपके लिए एक्टिव फंड्स में निवेश करना सही है, इससे आपको ज्यादा रिटर्न भी मिलेगा. तो वहीं अगर आप जोखिम नहीं लेना चाहते और बिना किसी दबाव बस निवेश करना चाहते हैं और आपके लिए पैसिव फंड्स बेहतर हैं.