Loan News: आज भी ज्यादातर लोग ये सोचते हैं कि पुरुष ही ज्यादा लोन लेते हैं, क्योंकि उन्हें एक तरह से घर के मुख्य के रूप में माना जाता है. लेकिन, आपको ये सुनकर हैरानी होगी कि बैंक और फिनटेक कंपनियां अब महिला कर्जदारों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देने का काम कर रहे हैं. 

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महिलाओं को लेकर लेंडर्स की राय

दरअसल, कुछ लेंडर्स का मानना है कि महिलाएं सबसे ज्यादा अच्छी कर्जदार होती हैं. वे ईएमआई को न सिर्फ कम मिस करती हैं बल्कि लोन को समय से पहले चुकाने में सबसे ज्यादा आगे भी रहती रहती हैं. तो वहीं, बैंकबाजार' के डाटा के मुताबिक, 14.29 प्रतिशत पुरुषों की तुलना में सिर्फ 10.98 प्रतिशत महिलाओं ने लोन भुगतान को मिस किया है. इसके अलावा करीब 90 प्रतिशत महिलाएं नियमित रूप से अपने क्रेडिट स्कोर को पूरी तरह से ट्रैक करने की कोशिश करती हैं.

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महिलाएं आपातकालीन स्थिति के लिए लेती हैं लोन 

हाल ही में आए एक डेटा के मुताबिक, 29.27 प्रतिशत महिलाएं आपातकालीन स्थितियों में ही सबसे ज्यादा लोन लेती हैं. इसके अलावा ज्यादातर पुरुष अपने शौक के खर्चों के लिए भी क्रेडिट का इस्तेमाल करते हैं. तो वहीं, जब लोन शिक्षा, स्वास्थ्य या परिवार की सुरक्षा जैसे आवश्यक मुद्दों से जुड़ जाता है उसे चुकाना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. 

'Rupee112' और 'lendingplate' जैसी कंपनियों के अनुभव भी साफ तौर से यही बताते हैं कि महिलाओं में लोन चुकाने की गंभीरता सबसे ज्यादा देखने को मिलती है. इतना ही नहीं, ब्याज के बोझ को कम करने के लिए समय से पहले लोन चुकता करने में पुरुषों से भी आगे होती हैं. 

लोन चुकाने के मामले में क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि लोन चुकाने का व्यवहार सिर्फ और सिर्फ जेंडर पर ही निर्भर नहीं करता है. क्रेडिट इतिहास और व्यक्तिगत वित्तीय अनुशासन पर ही पूरी तरह से आधारित होता है. तो वहीं, दूसरी तरफ क्रेडिट बाजार में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उनकी आर्थिक स्वतंत्रता का एक सकारात्मक संकेत देती है.

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