AC Renting Tips: गर्मी बहुत ज्यादा होने पर हर कोई ठंडक पाने का तरीका ढूंढता है. कई लोग जो पढ़ाई कर रहे हैं या किराए पर रहते हैं, उनके लिए नया AC खरीदना महंगा पड़ता है. इसलिए वे एसी किराए पर लेने का ऑप्शन चुनते हैं. लेकिन यह सिर्फ आसान तरीका नहीं है. इसके साथ कुछ नियम और शर्तें भी होती हैं, जिन्हें ध्यान से समझना जरूरी है. अगर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो बाद में खर्च या परेशानी बढ़ सकती है. इसलिए रेंट पर एसी लेने से पहले पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी है.

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रेंटल AC के हिडेन चार्जेज

गर्मी बढ़ने के साथ एयर कंडीशनर अब आराम की नहीं बल्कि जरूरत की चीज बन गया है. लेकिन नया एसी खरीदना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, क्योंकि यह काफी महंगा पड़ सकता है. इसी वजह से कई लोग एसी रेंट पर लेकर गर्मी से राहत पाने का तरीका चुनते हैं. लेकिन एसी किराए पर लेना हमेशा इतना आसान नहीं होता. कई बार गलत प्लान चुनने, अतिरिक्त चार्ज या सर्विस की समस्या की वजह से परेशानी हो सकती है. इसलिए अगर आप भी एसी किराए पर लेने की सोच रहे हैं, तो पहले कुछ जरूरी बातों को ध्यान से समझ लेना जरूरी है.

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रेंटल AC लेने पर इन बातों का रखें ध्यान

1. हिडन चार्जेस का खेल: लोग अक्सर विज्ञापन में दिखाए गए कम मासिक किराए को देखकर एसी रेंट लेने का फैसला कर लेते हैं, लेकिन असल में पूरा खर्च उससे कहीं ज्यादा निकल सकता है अगर आप सही जानकारी नहीं लेते. कई कंपनियां बाद में अलग-अलग चार्ज जोड़ देती हैं, जिससे कुल लागत बढ़ जाती है. इंस्टॉलेशन, डिलीवरी, अनइंस्टॉलेशन और घर बदलने पर रिलोकेशन चार्ज भी अलग से लिया जाता है. कुछ मामलों में सिक्योरिटी डिपॉजिट भी देना पड़ता है. इसलिए बुकिंग से पहले पूरे खर्च का सही ब्रेकअप समझना बहुत जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह का अतिरिक्त खर्च या परेशानी न हो.

2. कमरे के अनुसार सही क्षमता का चुनाव: छोटे कमरे में ज्यादा क्षमता वाला एसी लगाने से जरूरत से अधिक बिजली खर्च होती है और बिल बढ़ जाता है. वहीं बड़े कमरे या हॉल में कम क्षमता का एसी लगाने पर पर्याप्त ठंडक नहीं मिल पाती. इसलिए एसी लेते समय कमरे के साइज के अनुसार सही टन (1 या 1.5 टन) चुनना बहुत जरूरी है. सही क्षमता का एसी बेहतर कूलिंग देने के साथ-साथ बिजली की बचत भी करता है.

3. किसके खाते में मेंटेनेंस और सर्विसिंग का खर्च: गर्मी के पीक सीजन में एसी लगातार चलता है, ऐसे में उसमें सर्विस या खराबी की संभावना भी रहती है. इसलिए अगर आप एसी रेंट पर ले रहे हैं, तो पहले यह जरूर जान लें कि मेंटेनेंस और रिपेयर की जिम्मेदारी किसकी होगी. क्या कंपनी फ्री सर्विस देगी या गैस फिलिंग और टेक्नीशियन विजिट के लिए अलग से चार्ज देना पड़ेगा. साथ ही गर्मियों में सर्विस में देरी हो सकती है, इसलिए पहले से सभी नियम और शर्तें स्पष्ट करना बहुत जरूरी है.

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4. सस्ते किराए के चक्कर में न लें पुराना एसी: पुराने मॉडल के एसी भले ही कम किराए में मिल जाते हों, लेकिन ये ज्यादा बिजली खींचते हैं और बिल बढ़ा देते हैं. इसलिए बेहतर यही है कि रेंट पर लेते समय इन्वर्टर या अच्छी एनर्जी रेटिंग वाले एसी को चुना जाए. इनका किराया थोड़ा ज्यादा हो सकता है, लेकिन बिजली की बचत की वजह से कुल खर्च लंबे समय में कम पड़ता है.

5. AC रेंट लेने से पहले फाइन प्रिंट जरूर पढ़ें: इंस्टॉलेशन से पहले कंपनी के सभी नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ना बहुत जरूरी है. कई बार लोग लॉक-इन पीरियड, डैमेज पॉलिसी और कैंसिलेशन से जुड़े नियमों पर ध्यान नहीं देते, जिससे बाद में परेशानी हो सकती है. अगर एसी को तय समय से पहले वापस करना पड़े, तो कुछ कंपनियां इसके लिए अतिरिक्त चार्ज भी लगा देती हैं. इसलिए इंस्टॉलेशन के समय ही एसी की पूरी जांच कर लेनी चाहिए. अगर कूलिंग ठीक न हो या मशीन से कोई आवाज आए, तो तुरंत टेक्नीशियन को बता देना चाहिए, क्योंकि बाद में शिकायत का समाधान मिलना मुश्किल हो सकता है