आज के समय में आधार कार्ड सभी जरूरी कामों के लिए सबसे अहम डॉक्यूमेंट है. अगर आपके आधार कार्ड में भी जन्मतिथि गलत दर्ज हो गई है और आप इसे ठीक करवाना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है. कई बार आधार कार्ड में पता, नाम और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी में गलत अपडेट हो जाती है, ऐसे में उसे दोबारा अपडेट कराने के नियम अलग-अलग है. वहीं UIDAI ने आधार में Date of Birth (DoB) अपडेट करने से जुड़े नियमों को लेकर बताया है कि इसे दोबारा अपडेट कराने के नियम थोड़े सख्त हैं.

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आधार में DoB कितनी बार बदल सकते हैं?

ज्यादातर लोगों का मानना है कि आधार में Date of Birth (DoB) सिर्फ एक बार ही बदली जा सकती है. हालांकि, UIDAI के मुताबिक, आधार में DoB अपडेट कराने की कोई तय अधिकतम संख्या निर्धारित नहीं की गई है. लेकिन एक बार जन्मतिथि अपडेट होने के बाद दोबारा DoB में बदलाव की रिक्वेस्ट को सामान्य अपडेट नहीं माना जाता. ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और मजबूत डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ सकती है.

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DoB बदलने के लिए कौन-सा डॉक्यूमेंट जरूरी?

अपनी जन्मतिथि साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र एक अहम डॉक्यूमेंट माना जाता है. ऐसे में अगर पहली बार किसी दूसरे दस्तावेज के आधार पर आधार में DoB दर्ज हुई थी, तो दोबारा सुधार के समय जन्म प्रमाण पत्र जैसे मजबूत प्रमाण मांगा जा सकता है.

लेकिन अगर पहले ही जन्म प्रमाण पत्र दिया गया था और उसमें गलती थी, तो सुधारे हुए रिकॉर्ड के आधार पर नया प्रमाण पत्र देना पड़ सकता है. वहीं कुछ मामलों में शपथ पत्र या अन्य अतिरिक्त डॉक्यूमेंट भी मांगे जा सकते हैं. क्योंकि डॉक्यूमेंट्स में दर्ज जानकारी एक-दूसरे से मेल खाना बेहद जरूरी है.

जन्म प्रमाण पत्र में ही गलती हो तो क्या करें?

अगर आपकी असली DoB जन्म प्रमाण पत्र में ही गलत दर्ज है, तो पहले संबंधित जन्म रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा. इसके बाद नया या संशोधित जन्म प्रमाण पत्र आधार में DoB अपडेट कराने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

आधार सेंटर की गलती होने पर क्या होगा?

अगर आपने आधार कार्ड बनवाते समय सही डॉक्यूमेंट्स दिया था, लेकिन ऑपरेटर ने डेटा दर्ज करते वक्त गलती से गलत Date of Birth भर दी, तो ऐसे में यह मामला अलग तरीके से देखा जा सकता है. ऐसे मामलों में पहले जमा किए गये डॉक्यूमेंट्स और रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है.

जांच में अगर यह साबित हो जाता है कि आपने अपनी जानकारी सही दी थी और गलती आधार सेंटर पर दर्ज करते समय हुई है, तो UIDAI के नियमों के मुताबिक सुधार की अलग प्रक्रिया अपनाई जा सकती है. कुछ मामलों में स्वघोषणा के आधार पर भी सुधार की अनुमति मिल सकती है.

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