8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने जब से आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है, तभी कर्मचारी जगत में हलचल मची हुई है. कई कर्मचारी यूनियनों ने इस आयोग से महंगाई भत्ता बढ़ाने के साथ ही साथ अन्य कई मांगें की हैं. तो वहीं NFRI के जनरल सेक्रेटरी भी चाहते हैं कि कर्मचारियों को उनके काम के हिसाब से वेतन मिले में बढ़ोतरी हो.

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NFRI के जनरल सेक्रेटरी ने की बातचीतदरअसल हाल ही में NFRI (नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे) के जनरल सेक्रेटरी एम राघवैया ने न्यूज तक के साथ बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन निर्धारण में केवल महंगाई और आर्थिक पहलुओं को ही नहीं, बल्कि उनके काम की कठिन परिस्थितियों, जोखिम और देश की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को भी शामिल किया जाना चाहिए. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आठवें वेतन आयोग को इस पहलू का गंभीरता से अध्ययन करना चाहिए.

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उन्होंने आगे कहा कि, बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी ऐसे इलाकों में तैनात रहते हैं, जहां अच्छे अस्पताल, बच्चों की पढ़ाई के लिए गुणवत्तापूर्ण स्कूल, टाउनशिप और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं. इसके बावजूद वो लगातार सेवाएं देते हैं और उत्पादकता बनाए रखते हुए देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाते हैं.

रेलवे कर्मचारी करते हैं विपरीत परिस्थितियों में कामरेलवे कर्मचारियों का उदाहरण देते हुए राघवैया ने ये भी बताया कि भारतीय रेलवे के करीब 85% कर्मचारी फील्ड में काम करते हैं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं. ऐसे कर्मचारियों की सेवा, जोखिम और कार्य परिस्थितियों का मूल्यांकन भी वेतन आयोग द्वारा किया जाना चाहिए. ट्रैक निरीक्षण करने वाले कर्मचारी कई किलोमीटर तक पैदल चलकर रेलवे पटरियों की जांच करते हैं. वो अपने साथ भारी उपकरण लेकर चलते हैं, खामियों की पहचान करते हैं और उन्हें दूर करने का काम करते हैं. इस दौरान उन्हें लगातार दुर्घटनाओं और जान के जोखिम का सामना करना पड़ता है. कई बार ड्यूटी के दौरान हादसे भी हो जाते हैं.

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कठिन परिस्थितियों को बनाया जाए वेतन निर्धारण का हिस्साराघवैया का कहना है कि मानव जीवन पर पड़ने वाले जोखिम, स्वास्थ्य पर लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभाव और कठिन परिस्थितियों में वर्षों तक दी गई सेवाओं को वेतन निर्धारण का हिस्सा बनाया जाना चाहिए. कर्मचारियों के योगदान और उनके सामने मौजूद चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 

अंतिम फैसला लेगा आयोगहालांकि, आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के निर्णय पर निर्भर करेगा. लेकिन कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि इस बार वेतन आयोग केवल पारंपरिक मानकों तक सीमित न रहकर कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, जोखिम और वास्तविक योगदान को भी महत्व देगा.