8th Pay Commission Update: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन पाने वाले लोगों की नजरें इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं. दिन पर दिन बढ़ती महंगाई को लेकर देश के बड़े कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने सैलरी में बदलाव करने को लेकर अपनी कई मांगें रखी हैं. कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में हमारी मौजूदा सैलरी बेहद ही कम है. 

Continues below advertisement

न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने पर दबाव

जानकारी के मुताबिक, सभी कर्मचारी संगठनों ने केंद सरकार से यह मांग की है कि कर्मचारियों की शुरुआती बेसिक सैलरी को जल्द से जल्द बढ़ाना चाहिए. जिसको लेकर कुछ कर्मचारी संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाकर 69 हजार किया जाना चाहिए. कर्मचारियों का मानना है कि देश में तेजी से बढ़ती महंगाई के हिसाब से उन्हें अपने घर को चलाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वेतन में बढ़ोतरी होने से वह महंगाई का भी सामना कर सकेंगे. 

Continues below advertisement

PM Kisan Yojana: क्या जून और जुलाई में आ सकती है 23वीं किस्त? ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

सैलरी के ढांचे को बदलने की कड़ी मांग 

इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने आगे कहा कि सैलरी तय करने की मौजूदा व्यवस्था को पहले के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा आसान बनाना चाहिए.  इसके लिए कर्मचारियों के काम के हुनर के आधार पर ही हर किसी की सैलरी तय की जानी चाहिए. 

भत्तों और सालाना वेतन में बड़े बदलाव की मांग

सैलरी के अलावा कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में भी बड़े बदलाव की मांग की जा रही है. जिसको लेकर संगठनों ने घर के किराये के भत्ते और यात्रा भत्ते को ढाई गुना तक बढ़ाने की मांग की है. इसके अलावा, डिफेंस में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का जोखिम भत्ता देने की भी मांग की गई है. 

UPPCL: क्या बिजली का बिल बिगाड़ रहा है बजट? यहां जानें पैसे बचाने के आसान तरीके

महंगाई के हिसाब से तय हो सब की सैलरी

इन सब के बावजूद कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग करते हुए कहा है कि सैलरी तय करने का सबसे बड़ा आधार महंगाई को बनाया जाना चाहिए.  यानी जैसे ही महंगाई भत्ता 50 फीसदी तक पहुंचे, उसे सीधे मूल वेतन में जोड़ने का काम करना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों से जितना जल्दी हो उतनी जल्दी राहत भी मिल सके.