8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में लगातार चर्चा बनी हुई है. सबसे ज्यादा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है, क्योंकि इसी से तय होता है कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी. फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है, जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नई सैलरी निकाली जाती है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह 2.0 से 3.0 के बीच हो सकता है. इसके साथ ही HRA भी सीधे बढ़ती हुई बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है, इसलिए कुल इन-हैंड सैलरी में बड़ा फर्क देखने को मिल सकता है.

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फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है?आसान भाषा में समझें तो नई बेसिक सैलरी = पुरानी बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर. यानी अगर किसी की बेसिक सैलरी 20,000 रुपए है तो 2.0 फैक्टर के आधार पर 40,000 रुपए, 2.5 फैक्टर के बेसिस पर 50,000 रुपए और 3.0 फैक्टर पर 60,000 रुपए. इसी बढ़ी हुई बेसिक सैलरी पर HRA और अन्य अलाउंस भी बढ़ते हैं.

लेवल 1 से 10 तक की संभावित सैलरी हाइक- 

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लेवलमौजूदा बेसिक (₹)2.0 पर2.5 पर3.0 पर
Level 118,00036,00045,00054,000
Level 219,90039,80049,75059,700
Level 321,70043,40054,25065,100
Level 425,50051,00063,75076,500
Level 529,20058,40073,00087,600
Level 635,40070,80088,5001,06,200
Level 744,90089,8001,12,2501,34,700
Level 847,60095,2001,19,0001,42,800
Level 953,1001,06,2001,32,7501,59,300
Level 1056,1001,12,2001,40,2501,68,300

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HRA में कितनी बढ़ोतरी होगी?

HRA सीधे बेसिक सैलरी का हिस्सा होता है, इसलिए जैसे ही बेसिक बढ़ती है, HRA भी बढ़ जाता है.उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी की HRA 24% है-

  • बेसिक ₹40,000 पर HRA = ₹9,600
  • बेसिक ₹50,000 पर HRA = ₹12,000
  • बेसिक ₹60,000 पर HRA = ₹14,400

यानी फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, HRA उतना ही ज्यादा बढ़ेगा.

क्या सच में इतनी सैलरी बढ़ेगी?

फिलहाल ये सभी आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं. असली फिटमेंट फैक्टर सरकार द्वारा तय किया जाएगा और वही अंतिम सैलरी तय करेगा. कई रिपोर्ट्स में इसका दायरा 2.0 से 2.86 तक बताया गया है.