8th Pay Commision Latest News: केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन संशोधन को लेकर जल्द ही एक अहम बैठक होने जा रही है. National Council (Joint Consultative Machinery) की ड्राफ्टिंग कमेटी 13 अप्रैल 2026 को बैठक करेगी. जहां 8वें वेतन आयोग को भेजे जाने वाले अंतिम प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है.
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स वेतन बढ़ोतरी से जुड़े फैसले का इंतजार कर रहे हैं. इसलिए इस बैठक के नतीजों को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है.
मेमोरेंडम की तैयारी में जुटी कमेटी
ड्राफ्टिंग कमेटी कर्मचारियों से जुड़े अहम विषयों पर विचार-विमर्श कर रही है. इसमें सैलरी, पेंशन और नौकरी से जुड़े मुद्दों को शामिल कर एक संयुक्त मेमोरेंडम तैयार किया जा रहा है. जिसे 8वें वेतन आयोग को भेजा जाएगा.
इसके लेकर 12 मार्च 2026 को भी कमिटी की एक अहम बैठक हुई थी. जहां अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के सुझावों पर चर्चा की गई थी. आयोग इन सभी बातों को मिलाकर एक प्रस्ताव तैयार करने की योजना पर काम कर रही है.
8वें वेतन आयोग को मिला समय और जिम्मेदारी
सरकार ने फरवरी 2026 में संसद में बताया था कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है. 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव के तहत आयोग को गठन के बाद 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करने का समय दिया गया है.
साथ ही आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य लाभों पर सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है. जिससे केंद्रीय कर्मचारियों के लाभ मिल सके. समय सीमा तो देखें तो, उम्मीद की जा रही है कि 2027 तक आठवां वेतन आयोग लागू हो सकता है.
फिटमेंट फैक्टर तय करेगा वेतन में बढ़ोतरी
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी का आधार फिटमेंट फैक्टर होता है. जिसे 8वां वेतन आयोग तय करेगी. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि यह आंकड़ा 3.25 या उससे ज्यादा रखा जाए, क्योंकि महंगाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हालांकि, सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इसकी तस्वीर अभी साफ नहीं है.
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