8th Pay Commission: ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आज 6 जुलाई से आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की बैठक शुरू हो रही है, जो कल 7 जुलाई तक चलेगी. ओडिशा के बाद आयोग की अगली बैठक कोलकाता में 9 और 10 जुलाई को होगी. 8वें वेतन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, सदस्य सचिव पंकज जैन सहित आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.
इस दौरान लोगों से आमने-सामने बातचीत की जाएगी, आठवें वेतन आयोग को लेकर उनकी उम्मीदों को सुना जाएगा, जिसके आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट का असर 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ेगा. इससे यह तय होगा कि आयोग के तहत उनकी सैलरी या पेंशन कितनी बढ़ेगी और किस हिसाब से दूसरे भत्ते तय किए जाएंगे.
यह बैठक एक ऐसे समय में हो रही है, जब आयोग ने 15 जून को मेमोरेंडम जमा करने की समय-सीमा खत्म कर दी है. यानी कि इससे साफ है कि अब लिखित प्रस्ताव के बजाय अब आयोग का फोकस देश भर के हितधारकों के साथ सीधे बातचीत करने पर है.
बैठक में किस मुद्दे पर होगी बात?
भुवनेश्वर में बैठक होने पहले आयोग श्रीनगर, लखनऊ जैसे देश के अलग-अलग हिस्सों में मीटिंग कर चुका है. आयोग देशव्यापी कंसल्टेशन के लिए आयोग विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य हितधारकों से मिल रहा है और उनसे उनका सुझाव ले रहे हैं. इन बैठकों में मिले फीडबैक से कई अहम मुद्दों पर सुझाव तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है, जिनमें न्यूनतम बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता, पेंशन में बदलाव, भत्ते और नौकरी से जुड़ी दूसरी शर्तें शामिल हैं.
क्या है कर्मचारी यूनियन की मांग?
कर्मचारियों की मांग फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.86 या 3.83 करने की है, जिससे उनका बेसिक पे बढ़ जाए. इसी तरह से उनकी मांग मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 41000 या 69000 प्रति माह करना है. साथ ही उनकी मांग रिटायरमेंट के वक्त अंतिम आहरित वेतन (Last Drawn Pay) का 67% पेंशन के रूप दिए जाने और फैमिली पेंशन को अंतिम वेतन का 50% तय किए जाने की भी डिमांड है.
कर्मचारी यूनियनों की इन मांगों को सुनते हुए भी आयोग ने अब तक किसी प्रस्तावित आंकड़े का संकेत नहीं दिया है. सैलरी के अलावा, कर्मचारी यूनियनों के बीच पेंशन का मुद्दा भी गरमाया हुआ है. यूनियनों की मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की भी है. यूनियनों ने साफ कर दिया है कि उन्हें NPS या UPS मंजूर नहीं.
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