महात्मा गाँधी के देश में क्यों लोग होते जा रहे हैं मारने-पीटने को उतारू?
ABP News Bureau | 02 Oct 2021 03:47 PM (IST)
गाँधी जी कहा करते थे कि अगर कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे, तो दूसरा गाल आगे कर देना चाहिए. अहिंसावाद को गांधीवाद का पर्याय माना जाता है. लेकिन क्या देश की जनता अहिंसावाद और गांधीवाद को भूल गई है? अगर कोई किसी को गाली देता है तो क्या जवाब में मीठे बोल मिलते हैं?