IN PICS: आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है महान गायक मुकेश!

सर्च इंजन गूगल ने पार्श्र्व गायक मुकेश के 93वें जन्मदिन पर उनके सम्मान में विशेष डूडल बनाकर उन्हें याद किया. डूडल में मुकेश का माइक के साथ मुस्कुराता हुआ फोटो बनाया गया है, साथ ही इस फोटो के पीछे वाले हिस्से में राज कपूर और नरगिस का एक छोटा एनीमेटेड फोटो भी बनाया है.
सर्च इंजन गूगल ने पार्श्र्व गायक मुकेश के 93वें जन्मदिन पर उनके सम्मान में विशेष डूडल बनाकर उन्हें याद किया. डूडल में मुकेश का माइक के साथ मुस्कुराता हुआ फोटो बनाया गया है, साथ ही इस फोटो के पीछे वाले हिस्से में राज कपूर और नरगिस का एक छोटा एनीमेटेड फोटो भी बनाया है.
22 जुलाई 1923 को इस महान गायक का जन्म हुआ था और 27 अगस्त 1976 को इन्होंने अंतिम सांसे ली थीं.
मुकेश ने संगीत निर्देशक नौशाद अली की मदद से अपनी एक अलग तरह की गायन शैली का विकास किया और ऐसी सादगी भरी आवाज से लोगों को अपना दीवाना बना दिया. और महज 53 साल की उम्र में 27 अगस्त 1976 में मुकेश साहब ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन गायक तो अपनी आवाज और गीतों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं. इस महान कलाकार को हमारा सलाम.
एक अभिनेता-गायक के रूप में उनका पहला गाना 1941 में आई फिल्म ‘‘निर्दोष’’ के लिए ‘‘दिल ही बुझा हुआ हो तो’’ था. उन्हें 1945 में अभिनेता मोतीलाल के लिए एक पार्श्र्व गायक के रूप में गाने का पहला अवसर मिला था. मुकेश को अपनी बेहतरीन गायकी के लिए चार बार फिल्मफेयर और एक बार नेशनल अवॉ़र्ड से नवाजा गया.
22 जुलाई 1923 को दिल्ली में जन्मे मुकेश ने अपने करियर के शुरूआती समय में लोक निर्माण विभाग में भी काम किया. और दिल्ली में अपनी इस नौकरी के दौरान अपनी गायन क्षमता का बखूबी विकास भी किया.
मुकेश राज कपूर की आवाज के रूप में जाने जाते थे. उन्होंने दिवंगत अभिनेता के लिए ‘‘प्यार हुआ इकरार हुआ’’, ‘‘मेरे टूटे हुये दिल से’’, ‘‘दोस्त दोस्त ना रहा प्यार प्यार ना रहा’’, ‘‘किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार’’, ‘‘आवारा हूं’’, ‘‘जाने कहां गये वो दिन’’ जैसे अनेक सुपरहिट गाने गाए.